Home » राजनीति » UP CM Yogi Adityanath's first interview after oath taking Know 10 points including Ayodhya issue
 

सीएम योगी के पहले इंटरव्यू की 10 बड़ी बातें, जानिए बूचड़खाने से लेकर अयोध्या पर क्या बोले?

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 April 2017, 17:54 IST
(फाइल फोटो)

योगी आदित्यनाथ ने यूपी की सत्ता संभालने के बाद पांचजन्य अख़बार को पहला इंटरव्यू दिया है. उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद बीजेपी की सरकार के दो हफ़्ते हो चुके हैं. आरएसएस के मुखपत्र पांचजन्य को दिए इंटरव्यू में योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या विवाद से लेकर अवैध बूचड़खाने, बिजली, पानी, विकास, किसान, उद्योग और सरकार के कामकाज के तरीके पर विस्तार से बातचीत की. एक नज़र उनके इंटरव्यू की 10 बड़ी बातों पर:

1. 2014 के लोकसभा चुनाव में हमने विपरीत हालात में 80 में से 73 सीटें जीतीं. हम लोग इस बात पर आश्वस्त थे कि इसकी पुनरावृत्ति 2017 विधान सभा चुनाव में भी होगी क्योंकि उसी प्रकार की रणनीति थी. पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार ने उस प्रकार के कार्यक्रम किये जिनका चुनाव पूर्व वादा किया था.

2. आजादी के बाद यह पहली सरकार है जिसने इतनी लोक कल्याणकारी योजनाएं घोषित कीं और उन्हें ईमानदारी से क्रियान्वित किया. स्वाभाविक रूप से हम लोग इस बात पर आश्वस्त थे कि हमें मोदी जी के नेतृत्व और अमित शाह की रणनीति के तहत प्रचंड बहुमत मिलेगा. 

3. हम केन्द्र की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाएंगे. साथ ही राज्य सरकार के स्तर पर भी इस प्रकार की योजनाओं को लेकर जाएंगे. जिससे समाज का अंतिम व्यक्ति बिना किसी भेदभाव के लाभ पा सके और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो सके. 

4. देश के अंदर सेकुलरिज्म के नाम पर, तुष्टीकरण के नाम पर परंपरा और संस्कृति को कुछ लोग अपमानित कर रहे थे, देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे थे, उनको अपने अस्तित्व पर खतरा दिखाई दे रहा है. मेरे बारे में अनेक प्रकार की भ्रांतियां पैदा की जाती हैं. बहुत से लोग बोलते हैं कि यह भगवाधारी हैं, लेकिन हमें इसकी परवाह नहीं है. हमारा कार्य बताएगा कि हम क्या हैं. हम अपनी कार्यपद्धति के मार्ग से समाज के हर तबके का दिल जीतेंगे. 

5. उत्तर प्रदेश के अंदर भ्रष्टाचार मुक्त शासन देना, गुंडाराज से मुक्त व्यवस्था स्थापित करना हमारा  लक्ष्य है. इसको लेकर कार्ययोजना बनानी प्रारंभ कर दी है, उसे तेजी के साथ लागू करना भी प्रारंभ कर दिया है. 2 महीने में आपको परिवर्तन दिखायी देगा.

फाइल फोटो

6. बुंदेलखंड और पूर्वांचल सहित प्रदेश की 22 करोड़ की आबादी में सभी को ध्यान में रखकर योजनाएं बन रही हैं. लेकिन फिर भी पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड पर विशेष ध्यान देंगे. बुंदेलखंड विकास बोर्ड, पूर्वांचल विकास बोर्ड बनाकर हमने मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में इस बात को रखा कि बुंदेलखंड में इस समय पानी की समस्या आएगी. वहां हमें ध्यान रखना है कि कोई व्यक्ति यहां तक कि पशु भी प्यासा न रहे. खेतों में पानी पहुंचाने को लेकर कार्ययोजना तैयार हो रही है. 

7. चीनी मिलों के बारे में हमारी नई कार्ययोजना आ रही है. अगले 6 महीनों में हम पांच से छह नयी मिलों का शिलान्यास करने जा रहे हैं. अभी गन्ना किसानों का सीजन चल रहा है. 14 दिन के अंदर गन्ना किसानों का भुगतान उनके खातों में हो, यह आदेश शासन दे चुका है. अगर इस समय सीमा का कोई उल्लंघन करेगा तो फिर आर.सी. जारी होगी और उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई होगी जो उन चीनी मिलों के प्रबंधन से जुड़े हुए हैं. 

8. उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के जिला मुख्यालयों को चौबीसों घंटे बिजली देंगे. 20 घंटे तहसील मुख्यालयों को तो 18 घंटे गांवों में बिजली देने जा रहे हैं. इसकी कार्ययोजना तैयार हो चुकी है. 2019 तक पूरे प्रदेश में चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध कराएंगे. दूसरे, ट्रांसफार्मर खराब होने पर जिला मुख्यालयों में 48 घंटे के अंदर बदला जाएगा और ग्रामीण क्षेत्रों में 72 घंटे के अंदर बदल जाएगा. 

 

फाइल फोटो

9. अवैध बूचड़खाने के नाम पर जन स्वास्थ्य खराब करने की छूट नहीं दी जा सकती. एनजीटी और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को ध्यान में रखकर हमने यह किया है. निर्दोष को कोई परेशान नहीं कर सकता, इसके लिए मैं हरेक व्यक्ति को आश्वस्त कर सकता हूं. कोई शाकाहारी बनेगा तो स्वस्थ भी रहेगा. फिर भी लोगों की अपनी आवश्यकता हो सकती है. लेकिन मैं यह मानता हूं कि व्यक्ति जितना सात्विक होगा, उतना सदाचारित होकर काम करने में आनंदित हो सकता है. किन्तु हर व्यक्ति का अपना स्वाद हो सकता है. मैं किसी व्यक्ति पर कुछ बोल भी नहीं सकता और प्रतिबंध भी नहीं लगा सकता. मुझे कोई अधिकार नहीं है. भारत के संविधान ने उनको  स्वतंत्रता दी है, पर एक दायरे में रहकर. 

10. अच्छा होगा कि अयोध्या मसले का सौहार्दपूर्ण तरीके से इस समस्या का समाधान हो. सब कुछ मौजूद है. जो लड़ाई थी उस पूरी लड़ाई को तो 30 सितंबर, 2010 का न्यायालय का फैसला स्पष्ट कर देता है. तो जब सब स्पष्ट हो चुका है तो मुझे लगता है कि विवाद का बातचीत से ही समाधान हो तो बहुत अच्छा होगा और अच्छा संदेश जाएगा. हमने दोनों पक्षों से आग्रह किया है कि संवाद बनाइये, समाधान का रास्ता निकालिए.

First published: 3 April 2017, 17:08 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी