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जानिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से जुड़ी अंजानी बातें

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 March 2017, 12:50 IST

उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का असली नाम अजय सिंह बिष्ट है, इस बात की कम ही लोगों की जानकारी है. लेकिन इसके अलावा भी तमाम ऐसी बातें हैं जो लोग यूपी के नए सीएम के बारे में नहीं जानते हैं.

कैच आपको रूबरू कराता है ऐसी ही कई बातों से जो भारतीय जनता पार्टी के बयानवीर और फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ को इस पद के लिए योग्य साबित करती हैं.

  • पूर्वांचल की राजनीति में अच्छी पकड़ रखने वाले अजय सिंह बिष्ट का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के एक छोटे से गांव पंचूर में हुआ था.
  • योगी आदित्यनाथ राजपूत हैं और उन्होंने गढ़वाल यूनिवर्सिटी से बीएससी गणित की डिग्री ली है.
  • 15 फरवरी 1994 को गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी बने. इसके बाद गोखनाथ मंदिर के महंत अवैद्यनाथ ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया.
  • लोकसभा पहुंचने वाले सबसे कम उम्र के सांसदों की सूची में शामिल योगी पहली बार 1998 में गोरखपुर से सांसद चुने गए थे.
  • 12वीं लोकसभा में पहली बार संसद पहुंचे योगी की तब उम्र केवल 26 साल थी. इसके बाद उन्होंने अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा और 1999, 2004, 2009 और 2014 में भी लगातार सांसद बने.
  • सितंबर 2014 में जब योगी के गुरु महंत अवैद्यनाथ ने प्राण त्यागे तब वे गोरखपुर मंदिर के महंत यानी पीठाधीश्वर बने.
    योगी केवल भाजपा के सांसद ही नहीं बल्कि हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक हैं और यह युवाओं का एक सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह है.
  • गोरखनाथ पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ तमाम बारे लव जेहाद और धर्मांतरण जैसे मसलों अपने तीखे बयानों को लेकर भी चर्चा में रहते हैं.
  • 2005 में योगी ने कथिततौर पर उत्तर प्रदेश के एटा में 1800 ईसाइयों का शुद्धीकरण कर हिंदू धर्म में शामिल कराया.
    7 सितंबर 2008 को सांसद योगी आदित्यनाथ पर आजमगढ़ में जानलेवा हिंसक हमला भी हुआ था और वे इसमें बाल-बाल बचे थे. हमला इतना बड़ा था कि सौ से अधिक वाहनों को हमलावरों ने घेर लिया और लोगों को लहुलुहान कर दिया.
  • पचरुखिया कांड (सांप्रदायिक संघर्ष में फायरिंग में एक पुलिकर्मी की मौत), मोहनमुंडेरा कांड (दलित मुस्लिम संघर्ष के बाद मुस्लिमों के घर फूंके गए थे) में हिंदू युवा वाहिनी के साथ इनका नाम आया. 2007 में गोरखपुर दंगे में एक युवक की मौत के बाद गिरफ्तार हुए. एक महीने बाद छूटे थे.
First published: 19 March 2017, 12:45 IST
 
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