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वर्चस्व की जंग में पिता पर भारी पुत्र, अखिलेश के घर 200, शिवपाल के पास 17 विधायक पहुंचे

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 December 2016, 11:46 IST
(कैच)

उत्तर प्रदेश के समाजवादी दंगल में मुलायम सिंह यादव अपने ही सीएम बेटे अखिलेश के धोबीपछाड़ दांव से परास्त होते दिख रहे हैं.

बीते शुक्रवार को पूरे दिन चले इस सियासी उठापटक के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज अपने निजी आवास पर विधायकों की बैठक बुलाई थी.

बताया जा रहा है कि अखिलेश की बैठक में करीब 207 विधायक, 53 प्रत्याशी और 37 एमएलसी शामिल हुए हैं. इस बैठक में अखिलेश के साथ सपा से निष्कासित हुए पार्टी के पूर्व महासचिव राम गोपाल यादव भी मौजूद हैं.

अखिलेश के आवास पर इकट्ठा विधायकों में रामगोविंद चौधरी, राजेंद्र चौधरी, बलराम यादव, अरविंद सिंह गोप, विजय मिश्रा, अहमद हसन, पवन पांडेय यासिर शाह समेत कई बड़े विधायक मौजूद हैं.

वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव भी पहुंच चुके हैं. समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव अभी प्रदेश कार्यालय पर नहीं पहुंचे हैं.

सपा मुख्यालय पर शिवपाल के अलावा अतीक अहमद, नारद राय और ओम प्रकाश सिंह के सहित केवल 17 विधायक और पार्टी के अधिकृत 103 प्रत्याशी पहुंचे हैं. इसका मतलब है कि सियासत की इस जंग में अखिलेश पिता मुलायम पर भारी पड़ रहे हैं.

खबर है कि पार्टी मुख्यालय पर पहुंचे सभी नेता और विधायकों ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव में अपनी आस्था जताई है.

दरअसल, मुलायम ने पार्टी की ओर से जिनको भी टिकट दिया गया था, उन्हें पार्टी मुख्यालय पर बुलाया गया था.

इसके पीछे अखिलेश को उनकी स्थिति का आभास कराना था, लेकिन अखिलेश के घर पहुंचे नेताओं के संख्याबल ने तस्वीर को काफी हद तक साफ कर दिया है. नेता यह मान चुके हैं कि पार्टी का भविष्य अखिलेश यादव हैं न कि मुलायम सिंह या शिवपाल.

इसके पीछे वजह ये है कि पार्टी के सभी लोग मुलायम सिंह का सम्मान करते हैं, लेकिन उन्हें आने वाला कल अखिलेश यादव में दिखाई दे रहा है.

क्या हुआ अखिलेश की बैठक में

सीएम अखिलेश यादव ने अपने आवास पर बुलाई बैठक में विधायकों के बीच भावुक हो गये. बैठक की अध्यक्षता करते हुए अखिलेश यादव ने लगभग रोते हुए बताया कि उनके पिता मुलायम सिंह यादव को कुछ लोगों ने घेर रखा है. उनका इशारा अमर सिंह की तरफ था.

अखिलेश ने कहा कि वो लोग मेरे पिता से गलत फैसले करा रहे हैं, दरअसल वो नहीं चाहते कि मैं अपनी और पार्टी साफ-सुथरी छवि लेकर जनता के बीच जाउंगा, मैं समाजवादी पार्टी से अलग नहीं हो रहा हूं. हमने बड़ी मेहनत से काम किया है और दोबारा चुनाव जीत कर मैं अपने पिता को जीत का तोहफा दूंगा. मैं अपने पिता से अअलग नहीं हूं.

उन्होंने कहा कि पार्टी को कोई भी नहीं तोड़ पायेगा, कुछ लोग इस तरह का मंसूबा पाले बैठे हैं, लेकिन वो कभी भी कामयाब नहीं हो पाएंगे. मुलायम सिंह मेरे पिता है और पार्टी के प्रमुख भी, कुछ लोग उनको बरगला रहे हैं.

अखिलेश ने कहा कि मेरे पार्टी के भीतर मेरे ही खिलाफ साजिश की जा रही है. वो जो भी हों और नेता जी के कितने भी करीबी हों, कभी सफल नहीं हो पाएंगे.

सुलह-समझौते की एक और कोशिश

इस बीच एक बार फिर से पिता-पुत्र के बीच सुलह समझौते की एक और कोशिश वरिष्ठ मंत्री और पार्टी नेता आज़म खान की तरफ से शुरू हुई है. आज़म खान सुबह ही मुलायम सिंह से मिलने उनके आवास पहुंचे थे. इसके बाद वे वहां से निकल कर सीधे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आवास पर पहुंचे हैं. इसे दोनों के बीच समझौते का प्रयास माना जा रहा है.

गौरतलब है कि आज़म खान ने कल ही पार्टी में हो रहे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण और प्रदेश के लिए नुकसानदेह बताया था. उन्होंने यह भी कहा था कि एक 'घटिया आदमी' के चक्कर में यह सब हो रहा है. और पार्टी के झगड़े को कुछ लोगों ने पिता-पुत्र का झगड़ा बना दिया है जो कि बहुत शर्मनाक है. उनका इशारा अमर सिंह की ओर था.

(लखनऊ से प्रमोद सिंह अधिकारी के सहयोग सहित)

First published: 31 December 2016, 11:46 IST
 
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