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29 साल में ही विधायक बन गए थे वेंकैया, जानिए मोदी के संकटमोचक का सफ़रनामा

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 July 2017, 11:28 IST

एनडीए ने भाजपा के सीनियर नेता वेंकैया नायडू को अपना उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुन लिया है. उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी के साथ उनका मुकाबला है. भाजपा संसदीय दल की मीटिंग के बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने इसकी घोषणा की. 68 वर्षीय वेंकैया नायडू आवास और शहरी मामलों के मंत्री थे. इसके अलावा उनके पास सूचना और प्रसारण मंत्रालय की जिम्मेदारी भी थी.

वेंकैया नायडू को भाजपा का दक्षिण भारत का बड़ा चेहरा माना जाता है. इसके अलावा वो अपनी वाकपटुता और विपक्षी दलों से संबधों के कारण भी पार्टी में विशेष महत्व रखते हैं. उन्होंने कई बार पार्टी के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाई है. इसी कारण मोदी-शाह की जोड़ी ने वेंकैया नायडू को अपना उम्मीदवार बनाया है.

छात्र जीवन से रखा राजनीति में कदम

वेंकैया नायडू का जन्म 1 जुलाई, 1949 को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में हुआ. 1971 में वेंकैया नेल्लोर के वीआर कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष चुने गए. इसके दो साल के भीतर वे आंध्र विश्वविद्यालय के कॉलेजों के छात्र संघ अध्यक्ष बने. वेंकैया 1974 में जनता आंदोलन से प्रभावित होकर आंध्र प्रदेश में लोक नायक जय प्रकाश नारायण छात्र संघर्ष समिति से जुड़ गए. इमरजेंसी के दौरान वेंकैया मीसा (मेनटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट) के तहत गिरफ्तार भी किए गए.

29 साल की उम्र में बने विधायक

वेंकैया 29 साल की उम्र में 1978 में पहली बार विधायक बने. 1983 में भी विधानसभा पहुंचे और धीरे-धीरे राज्य में भाजपा के सबसे बड़े नेता बनकर उभरे. 1980 में उन्हें बीजेपी की यूथ विंग का वाइस प्रेसिडेंट और विधानसभा में पार्टी के विधायक दल का नेता बना दिया गया.

1998 से हैं राज्यसभा सदस्य

1998 में वे कर्नाटक से राज्यसभा पहुंचे. इसके बाद से ही 2004, 2010 और 2016 में वह राज्यसभा के सांसद बने. वर्तमान में वो राजस्थान से राज्यसभा सदस्य हैं.

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

पार्टी अध्यक्ष पद से जनाकृष्णमूर्ति की विदाई के बाद  वेकैंया को 2002 में बीजेपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली. 2002 में वे पहली बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने. इसके बाद 2004 में वह दोबारा अध्यक्ष बने, लेकिन एनडीए की हार के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया.

मोदी सरकार में अहम मंत्रालय

68 वर्षीय वेंकैया नायडू ने भाजपा द्वारा उन्हें उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने के बाद आवास और शहरी मामलों के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. इसके अलावा उनके पास सूचना और प्रसारण मंत्रालय के साथ साथ शहरी गरीबी उन्‍मूलन मंत्रालय भी था.

First published: 18 July 2017, 11:27 IST
 
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