Home » राजनीति » Why did BJP have to cancel the tweet with PM Modi's statement?
 

बीजेपी को पीएम मोदी के संसद में दिए बयान वाला ट्वीट क्यों करना पड़ा डिलीट ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 February 2018, 18:20 IST

बुधवार को संसद में अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने बैंकों के एनपीए के लिए पिछली कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने कहा, "मैंने देश की खातिर आपके आरोपों को सुना लेकिन अब समय आ गया है कि देश को एनपीए (गैर-निष्पादित संपत्ति) के बारे में सच्चाई जानना चाहिए. उन्होंने कहा एनपीए के लिए 100% यूपीए के गलत काम जिम्मेदार हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा 'जब तक आप सत्ता में थे तब तक आपने झूठ बोला था और कहा था कि एनपीए 36% थी, लेकिन 2014 में जब बीजेपी सत्ता में आई और हमने दस्तावेजों में सच्चाई की खोज शुरू की. तब हमने महसूस किया कि आपने गलत आंकड़े दिए हैं. तब एनपीए 82% पर था.

एनडीटीवी की रिपोर्ट की माने तो भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक 2013-14 में कुल एनपीए के रूप में ऋण की कुल राशि का प्रतिशत 3.8% था, 82% नहीं. प्रधान मंत्री ने यह भी कहा कि बैंकों द्वारा कुल अग्रिम राशि मार्च 2014 में 52 लाख करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया था. यह अनुमान लगाया गया कि यह यूपीए के खराब कर्ज की विरासत का हिस्सा था. उन्होंने कहा यह भारत के गरीबों का पैसा था.

रुपये 52 लाख करोड़ रुपये आरबीआई डेटा पर आधारित है, यह सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा कुल एनपीए नहीं है. 2015-16 में वर्तमान मोदी सरकार के दूसरे वर्ष और पिछले वर्ष के लिए डेटा उपलब्ध है.इसमें ग्रॉस एनपीए लगभग दोगुनी होकर 7.5% पर आ गया. एनपीए पर प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के दोनों आंकड़ों और वीडियो क्लिप को ट्वीट किया गया था. हालांकि बाद में यह ट्वीट डिलीट कर दिया गया.

First published: 9 February 2018, 18:13 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी