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मोस्ट वांटेड 'ग्लैमरस गैंगस्टर' की लाश मांग रही है मानवाधिकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 July 2017, 17:16 IST
आनंदपाल सिंह/ राजस्थान पत्रिका

राजस्थान में गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर के बाद सियासी घमासान मचा है. 19 दिन से गैंगस्टर की डेड बॉडी नागौर जिले के सांवराद गांव स्थित घर में रखी है. फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाते हुए राजपूत संगठन वसुंधरा सरकार के खिलाफ सड़क पर हैं.

इस बीच आनन्दपाल के अंतिम संस्कार में हो रही देरी पर एक बार फिर राज्य मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है. राज्य मानवाधिकार आयोग ने 24 घंटे के भीतर गैंगस्टर के शव का अंतिम संस्कार कराने के निर्देश दिए हैं.

आयोग का कहना है कि अगर परिवार वाले अंतिम संस्कार न कराएं, तो राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाए. मुख्य सचिव और प्रमुख गृह सचिव से 20 जुलाई तक आयोग ने रिपोर्ट तलब की है.

 

नागौर के सांवराद गांव स्थित घर में रखी गैंगस्टर आनंदपाल की डेड बॉडी/ राजस्थान पत्रिका

मानवाधिकार आयोग के तर्क

  • अंतिम क्रिया के अतिरिक्त अन्य किसी भी कार्य के लिए मृत शरीर को रखा नहीं जा सकता, क्योंकि मानव शरीर कोई बाजार में बिकने वाली चीज नहीं है.
  • जिस तरह जीवित व्यक्ति को बंधक नहीं बनाया जा सकता, उसी तरह मृत का तत्काल अंतिम संस्कार नहीं करना व उसे कब्जे में रखना कानूनन, सामाजिक मान्यता व शालीनता के खिलाफ है. मृत शरीर से दुर्गंध के साथ ही चमड़ी उतरने लगी थी, फिर भी अंतिम संस्कार नहीं करा रहा है तो यह सरकार का दायित्व है. यह सुप्रीम कोर्ट पहले ही निर्देश दे चुका है.
  • कोख में आते ही मानव अधिकार जन्म ले लेते हैं, उसी तरह मृत्यु के बाद भी मानवाधिकार रहता है. कोई भी इसके लिए स्वयं संघर्ष नहीं कर सकता. ऐसे में परिजन और सगे सम्बन्धी या सामाजिक संगठन मृतक का अंतिम संस्कार करा सकते हैं. वे भी नहीं कराएं तो सरकार को जिम्मेदारी उठानी चाहिए.
  • आयोग ने इस मामले में पिछले दिनों भी खुद प्रसंज्ञान लिया था. वहीं मुआवजे को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा था. गृह विभाग से पूछा था कि अंतिम संस्कार नहीं कराने के मामलों पर सरकार की क्या नीति है?
राजस्थान पत्रिका

इस बीच सांवराद में आनंदपाल की श्रद्धांजलि सभा के दौरान हिंसा के बाद अजमेर पुलिस को अलर्ट किया गया है. डीजीपी मनोज भट्ट के निर्देशों के बाद अजमेर पुलिस अलर्ट हो गई है. अजमेर के एसपी राजेन्द्र सिंह ने राजस्थान पत्रिका को बताया कि बुधवार को जिले में शांति रही. सांवराद गांव में कर्फ्यू लगाया गया है.

राजस्थान पत्रिका
First published: 13 July 2017, 17:16 IST
 
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