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बारिश पर बरसे हाईकोर्ट जज बोले- 24 घंटे में सुधर जाओ

पत्रिका ब्यूरो | Updated on: 4 July 2017, 16:49 IST
फाइल फोटो

शबारिश से बेहाल जोधपुर के हालात पर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है. मूसलाधार बारिश में जानलेवा हादसे पर राजस्थान हाईकोर्ट ने गहरी नाराजगी जताते हुए आला अफसरों को निजी रूप से कोर्ट में हाजिर होने को कहा है.

वरिष्ठ न्यायाधीश गोविन्द माथुर और न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर की बेंच ने समाजसेवी महेन्द्र लोढ़ा की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, "शहर में कानून नाम की कोई चीज नहीं है. दूसरी तरफ आम आदमी नाले में बहने से जान से हाथ धो रहा है, लेकिन अधिकारी केवल देख रहे हैं."

कोर्ट ने 24 घंटे में इंतज़ाम सुधारकर अफसरों को 5 जुलाई को अदालत में रिपोर्ट पेश करने को कहा है. अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान वकील अशोक छंगाणी ने कोर्ट को बताया, "दस साल बाद भी आदेशों का पालन नहीं हो रहा है. वर्तमान में हालात ये है कि शहर में फायरिंग की इतनी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन पुलिस की व्यवस्था नहीं है. महज दस मिनट की बारिश में शहर में तालाब के हालात होने से एक वकील को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा."

हाईकोर्ट ने 5 जुलाई को जिला कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर, नगर निगम और जोधपुर विकास प्राधिकरण आयुक्त को सुनवाई के दौरान पेश होने के लिए कहा है. शहर में बरसाती नालों के पानी की निकासी को लेकर दायर एक अन्य जनहित याचिका पर सोमवार को मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नन्द्राजोग और न्यायाधीश रामचन्द्रसिंह झाला की बेंच में सुनवाई हुई.

पूर्व विधायक माधो सिंह की याचिका पर सुनवाई के दौरान जोधपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम और जेएनवीयू की ओर से प्रगति रिपोर्ट पेश की गई. मुख्य न्यायाधीश नन्द्राजोग ने मौखिक रूप से कहा कि किसी भी विकास कार्य के लिए पूर्व में ही निगम का बजट तय होता है, उसके बावजूद बजट का अभाव बताया जा रहा है. 

न्यायाधीश नन्द्राजोग ने अगली सुनवाई पर 17 जुलाई को प्रगति रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं. पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने भैरव नाले और वेस्ट पटेल नाले की सफाई के आदेश दिए थे, लेकिन अब तक सफाई का काम पूरा नहीं हो पाया है.

First published: 4 July 2017, 16:49 IST
 
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