Home » राजस्थान » इंजीनियर और सीए डिग्री धारकों को पछाड़कर चपरासी बन गया बीजेपी MLA का बेटा
 

राजस्थान: भाजपा विधायक का दसवीं पास बेटा बना चपरासी, मुंह ताकते रहे इंजीनियर और सीए

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 January 2018, 16:12 IST

राजस्थान विधानसभा सचिवालय में चतुर्थ श्रेणी के 18 पदों के लिए 129 इंजीनियरों, 23 वकीलों, एक चार्टर्ड अकाउंटेंट और 393 पोस्ट ग्रेजुएट उम्मीदवारों ने साक्षात्कार दिया था.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इस परीक्षा में इन सभी उम्मीदवारों को पीछे करते हुए महज 10वीं पास राजस्थान के बीजेपी विधायक के बेटे को चुन लिया गया. 15 दिसंबर को चुने गए 18 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की गई. इस लिस्ट में 12वें नंबर पर रामकृष्ण मीणा का नाम था जो भाजपा विधायक जगदीश नारायण मीणा के बेटे हैं.

इंडियन एक्सप्रेस

कांग्रेस पार्टी ने इस पद पर बीजेपी विधायक के बेटे के चयन पर सवाल खड़े किये हैं. राजस्थान के कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट का कहना है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जाँच की जानी चाहिए. हालाँकि बीजेपी के जमवारामगढ़ विधायक जगदीश अनारायण मीणा ने कांग्रेस के इन आरोपों को गलत करार दिया है.

उनका कहना है कि ‘विपक्ष कहता है बेटे को नौकरी दिलवाने के लिए मैंने अपने पद का इस्तेमाल किया. अगर मुझे ऐसा करना होता तो मैं अपने बेटे को चपरासी की नौकरी क्यों दिलवाता? फिर मैं उसे कोई ऊंचा पद दिलवाता.’

इन पदों पर चयन के लिए पूरे एक महीने तक इंटरव्यू चले थे. राजस्थान में इस परीक्षा की खासी चर्चा भी हो रही थी. सूत्रों के अनुसार हर दिन 1200 लोगों को इंटरव्यू के लिए कॉल किया जा रहा था.

आवेदकों की संख्या को देखते हुए इंटरव्यू का समय महज एक मिनट से ज्यादा नहीं नहीं किया गया. आवेदकों से माता पिता के नाम के अलावा कुछ भी नहीं पूछा गया. जबकि बीजेपी के विधायक ने इस सफलता के लिए अपने बेटे की मेहनत को जिम्मेदार ठहराया है.

First published: 5 January 2018, 16:12 IST
 
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