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राजस्थान: CAG ने खोली पोल, वसुंधरा सरकार 5 गुना बढ़ाकर बता रही है नौकरी देने की संख्या

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 September 2018, 8:05 IST

राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार पर CAG की एक रिपोर्ट द्वारा गलत तथ्य पेश करने का आरोप सामने आया है. CAG की रिपोर्ट में कहा गया है कि रोजगार को लेकर वसुंधरा सरकार ने पांच गुना बढ़ाकर संख्या बताई. दरअसल, कुछ दिनों पहले एक चुनावी रैली में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दावा किया था कि उनकी सरकार आने के बाद कुल 16 लाख युवाओं को स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग देकर रोजगार दिया गया.

रैली में मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि उनकी सरकार ने बेरोजगारों को 3.25 लाख सरकारी नौकरियां दीं. उन्होंने कहा था कि इनमें से 1.35 लाख नौकरियां अभी सरकारी प्रक्रिया में है. मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि उनकी सरकार ने करीब 20 लाख लोगों को मुद्रा योजना के जरिए स्वरोजगार मुहैया कराया है. उन्होंने कहा था कि मीणा समुदाय के लोगों को भी इससे लाभ मिला है. 

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मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के इसी दावे पर कैग से सवाल उठाया है. राजस्थान विधान सभा के पटल पर इसी महीने रखी गई कैग की इस रिपोर्ट में राजस्थान स्किल एंड लाइवलीहुड डेवलपमेंट कॉपोरेशन द्वारा साल 2014 से 2017 के बीच उपलब्ध कराए गए प्लेसमेंट के आंकड़ों को संदेहास्पद कहा गया है.

दरअसल, वसुंधरा सरकार की तरफ से दावा किया गया था कि कुल 1 लाख 27 हजार 817 युवाओं ने स्किल डेपलमेंट की ट्रेनिंग ली. सरकार ने दावा किया था कि इनमें से 42 हजार 758 को प्लेसमेंट मिला, लेकिन कैग की तरफ से किए गए भौतिक सत्यापन में मात्र 9 हजार 904 लोगों का ही असली रुप से प्लेसमेंट हुआ पाया गया. इसका मतलब है कि सरकार ने लगभग 5 गुना ज्यादा संख्या बताई है.

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वहीं सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में राज्य सरकार को बिना देरी किए स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग देकर बेरोजगारी दूर करने की सलाह दी है. कांग्रेस ने कहा कि वसुंधरा सरकार ने उन लोगों को भी रोजगार के लाभार्थियों की सूची में शामिल कर लिया है जो अपने बूते किसी प्रकार कहीं सब्जी बेच रहे हैं या किसी अन्य माध्यम से जीवकोपार्जन कर रहे हैं.

First published: 11 September 2018, 8:05 IST
 
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