Home » राजस्थान » Rajasthan: Dreaded Gangster Anandpal Singh's dead body yet to be cremated after 10 days of encounter
 

10 दिनों से कफ़न को मोहताज 11 साल तक दहशत फैलाने वाला आनंदपाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 July 2017, 13:28 IST
गैंगस्टर आनंदपाल सिंह/ राजस्थान पत्रिका

तीन सितंबर 2015 को नागौर के परबतसर से फ़रार हुआ कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह 21 महीने और 22 दिन बाद राजस्थान पुलिस के साथ एनकाउंटर में मारा गया. जब वो जीवित था, तो पुलिस के लिए चुनौती बना रहा और अब मुठभेड़ में मारे जाने के 10 दिन बाद भी उसका अंतिम संस्कार पुलिस और प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. 

एनकााउंटर के बाद राजस्थान की राजपूत राजनीति भी वसुंधरा राजे सरकार की नाक में दम किए हुए हैं. सोशल मीडिया पर यूपी से निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया के आनंदपाल के गांव रवाना होने की ख़बर वायरल हुई थी. इस एनकाउंटर को लेकर सूबे की सियासत गरमाई हुई है. वहीं नागौर ज़िले के सांवराद गांव स्थित घर में आनंदपाल का शव अब भी रखा हुआ है. 

कालवी पहुंचे आनंदपाल के गांव

इस बीच सोमवार शाम राजपूत करणी सेना के संयोजक लोकेंद्र सिंह कालवी सहित राजपूत समाज और करणी सेना के करीब आधा दर्जन नेता तीन सौ गाड़ियों के काफिले के साथ नागौर की लाडनूं तहसील के सांवराद गांव पहुंचे. एक साथ तीन सौ गाड़ियों का काफिला जब गांव में पहुंचा, तो पुलिस प्रशासन भी हैरान नजर आया.

राजपूत समाज के नेताओं ने आनंदपाल सिंह के परिजनों से इस दौरान बातचीत की. परिजनों का कहना है कि आनंदपाल सिंह एनकाउंटर की सीबीआई जांच करवाने, मंजीतपाल सिंह और रूपेंद्रपाल उर्फ विक्की को आनंदपाल के अंतिम संस्कार में शामिल करने, आनंदपाल की बड़ी बेटी चीनू पर दर्ज मामले हटाए जाने मांग पर विचार होगा, तभी आनंदपाल का अंतिम संस्कार किया जाएगा. 

लाडूनं के सांवराद गांव स्थित घर में रखी आनंदपाल की डेड बॉडी/ राजस्थान पत्रिका

पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप

राजपूत समाज के नेता दुर्ग सिंह चौहान ने पत्रकारों को बताया, "पुलिस बर्बरतापूर्ण कार्रवाई कर रही है. इसके चलते ही उनके समाज के नेताओं को सांवराद गांव आना पड़ा है. आनंदपाल सिंह को भरोसे में लेकर उसकी एनकाउंटर के नाम पर हत्या की गई है. यह एक चुनावी एनकाउंटर है. वसुंधरा सरकार उसके परिवार को कुचलना चाह रही है. पुलिस सांवराद में लोगों को नहीं आने दे रही है. यहां तक कि पानी, बर्फ और डी फ्रिज तक नहीं लाने दे रही है."

लोकेंद्र सिंह कालवी के साथ करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी समेत कई राजपूत नेता सांवराद पहुंचे. आनंदपाल सिंह का अंतिम संस्कार कब होगा, इस पर अभी भी सस्पेंस बरकरार है. आनंदपाल के परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं.  

अजमेर आईजी ने लिया जायजा

आनंदपाल के शव को सांवराद गांव में लाए जाने के बाद से अजमेर संभाग की आईजी मालिनी अग्रवाल गांव की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं. सोमवार को भी आईजी अग्रवाल सांवराद पहुंची और अफसरों से इलाके की जानकारी ली. चूरू के सुजानगढ़ में भी आनंदपाल मामले को लेकर कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए.

पुलिस के मुताबिक किसी खास प्रभावी व्यक्ति के सालासर-सुजानगढ़ मार्ग से होकर सांवराद पहुंचने की जानकारी मिली थी. जिस पर वहां से गुजरने वाले वाहनों की काफी बारीकी से जांच की गई. पुलिस के मुताबिक सुजानगढ़ थाने के अलावा श्रीडूंगरगढ़, सांडवा, बीदासर, राजलदेसर थानाधिकारी सहित 95 पुलिसकर्मी इलाके में तैनात हैं. 

राजस्थान पत्रिका

जुर्म की दुनिया में 2006 में एंट्री

अपराध की दुनिया में आनंदपाल की एंट्री साल 2006 में हुई थी. उस पर राजस्थान के चर्चित जीवनराम गोदारा हत्याकांड, बीकानेर जेल फायरिंग समेत दर्जनों वारदात में शामिल होने का आरोप है. जुलाई 2014 में आनंदपाल और बलवीर बानूड़ा पर जेल में फायरिंग हुई थी. जिसमें बलवीर बानूड़ा की मौत हो गई थी, जबकि आनंदपाल जख्मी हुआ था. इस दौरान आनंदपाल के दूसरे साथियों ने दो लोगों की हत्या कर दी थी. इस वारदात के बाद आनंदपाल को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट कर दिया गया था. 

गैंगस्टर आनंदपाल सिंह को 24 जून की देर रात चूरू जिले के मालासर में राजस्थान पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. आनंदपाल भले ही पुलिस के लिए खूंखार अपराधी हो लेकिन उसके चाहने वालों की कमी नहीं थी. सोशल मीडिया में भी उसका डंका बजता था. आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद सोशल मीडिया में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं. आनंदपाल के परिजनों के साथ ही कई विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि आनंदपाल का एनकाउंटर फर्जी है.

(राजस्थान पत्रिका से मिले इनपुट के आधार पर)

First published: 4 July 2017, 13:28 IST
 
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