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राजस्थान: शिक्षा विभाग का स्कूलों को अजब फरमान, शनिवार को सुनाए जाएं बच्चों को बाबाओं के प्रवचन

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 June 2018, 14:02 IST

राजस्थान शिक्षा विभाग ने स्कूलों के लिए अजीब फरमान सुनाया है. जिसके अंतर्गत स्कूली बच्चों को बाबाओं के प्रवचन सुनाएं जाएंगे. शिक्षा विभाग ने स्कूलों में इसे अतिरिक्त पाठयक्रम गतिविधियों की सूची में शामिल किया है. इस सूची के मुताबिक महीने के हर तीसरे शनिवार को छात्र स्कूल परिसर में संतों के प्रवचन सुना करेंगे.

विभाग का मानना है कि ऐसा करने से बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ संस्कार भी सीखेंगे. इसके साथ ही स्कूलों में बाल सभा का भी आयोजन किया जाएगा. बता दें कि वैसे तो पहले भी स्कूलों के अंदर बाल सभाओं का आयोजन किया जाता था लेकिन वह महज खानापूर्ति हुआ करती थी. लेकिन सरकार ने अब इसके लिए बकायदा कलेंडर जारी कर दिया गया है.

बता दें कि बाल सभाओं में बच्चों को बालसरंक्षण संबंधित मुद्दों पर बाल चलचित्र, चित्रकला प्रतियोगिता आदि के जरिए बाल अधिकार और बाल संरक्षण के संबंध में जागरुकता पैदा करने की कोशिश की जाएगी. साथ ही स्कूलों को बाल सभाओं और उत्सवों का रिकॉर्ड भी रखना होगा.

इसके लिए शिक्षा विभाग ने शिविरा पंचांग जारी किया है. जिसमें बताया गया है कि हर तीसरे शनिवार को स्कूलों में राष्ट्रीय महत्व के समसामयिक समाचारों की समीक्षा होगी और किसी महापुरुष या स्थानीय संत के प्रवचन सुनाए जाएंगे.

 

इसके साथ ही कहा गया है कि महीने के पहले शनिवार को बच्चों को किसी प्रेरक संत के बारे में जानकारी दी जाएगी. बच्चों के अंदर संस्कार भरने के लिए शिक्षा विभाग स्कूलों में दादी और नानी को बुलाएगा जो बच्चों को प्रेरणादायक कहानियां सुनाएंगी.

वहीं महीने के चौथे शनिवार को साहित्य और महाकाव्यों पर प्रश्नोत्तर कार्यक्रम रखा जाएगा. साथ ही किसी महीने में अगर पांचवां शनिवार भी आता है तो नाटक का मंचन किया जाएगा. इसके साथ ही बच्चे राष्ट्रगीत का गायन करेंगे.

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First published: 12 June 2018, 13:15 IST
 
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