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इस राज्य के हाईकोर्ट ने जजों को 'माइ ल़ॉर्ड' करने वाले नियम में किया ये बदलवा

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 July 2019, 11:11 IST

आपने कोर्ट में 'माय लॉर्ड' शब्द तो सुना होगा. जो वकीलों द्वारा जजों के संबोधिन के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट में अब आपको ये शब्द सुनने को नहीं मिलेगा. क्योंकि राजस्थान हाईकोर्ट ने खुद इस पुरानी परंपरा को खत्म करे को कहा है. बता दें कि अभी तक कोर्ट में वकील, जज को 'माय लॉर्ड' या फिर 'योर लॉर्डशिप' कहकर संबोधित किया करते थे. इस परंपरा को बदलते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि वकील अब जज को सिर्फ सर बोलकर ही संबोधित करेंगे. ये नियम देश के किसी हाइकोर्ट में पहली बार लागू होगा.

राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर और जयपुर में अपनी दो पीठों के सभी न्यायाधीशों की बैठक में रविवार को जजों के लिए किए जाने वाले संबोधन के संबंध में यह फैसला लिया. हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा सोमवार को एक अधिसूचना जारी की. जिसमें कहा गया है कि संविधान में वर्णित समानता का सम्मान के लिए पूर्ण अदालत ने 14 जुलाई 2019 को एक बैठक की.

जिसमें सर्वसम्मति से वकीलों और अदालत में पेश होने वालों को माननीय न्यायाधीशों को संबोधित करते समय ‘माय लॉर्ड’ या ‘योर लॉर्डशिप’ कहने से परहेज करने को कहा है. इसके बाद अब अधिसूचना में वकीलों और याचिकाकर्ताओं को जजों को संबोधित करते समय सिर्फ ‘सर’ या 'श्रीमानजी' शब्द का प्रयोग करना होगा.

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First published: 16 July 2019, 11:11 IST
 
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