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अब इन अस्पतालों में इलाज कराने से पहले बताना होगा धर्म, डॉक्टर्स ने दिया ये तर्क

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 July 2019, 10:11 IST
प्रतीकात्मक तस्वीर

राजस्थान के अब एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े सभी हॉस्पीटल में इलाज कराने से पहले मरीजों को अपने धर्म की जानकारी देनी जरूरी होगी. एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के इस नए नियमानुसार, मरीजों को अपने इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन के दौरान धर्म बताना अनिवार्य होगा.

इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्रशासन का कहना है कि धर्म पूछने का हमारा मकसद है कि किस जनसंख्या विशेष में कौन सी बीमारियां अधिक होती है, इस बारे में पता लगाकर डेटाबेस तैयार करने में आसानी होगी. कॉलेज अधीक्षक डॉ. डीएस मीणा ने कहा, "हम यह पता लगाना चाहते हैं कि मांसाहारी लोगों में कौन से बीमारी ज्यादा होती है और शाकाहारी लोगों में कैसी बीमारी आम हैं."

प्रतीकात्मक तस्वीर

इन डाटाबेस से रिसर्च करने में आसानी होगी. इसके साथ ही मेडिकल छात्रों की पढ़ाई में भी सहायता मिलेगी. डॉक्टर मीणा ने कहा, "जैसे हिंदू पुरुषों को पेनिल कार्सिनोमा (कैंसर) आम है, जबकि मुसलमानों में अर्थराइटिस (गठिया) की समस्या ज्यादा है. मुस्लिम महिलाओं में विटमिन डी की कमी होती है."

वहीं, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल सुधीर भंडारी ने कहा, "मरीजों का धर्म पूछा जाना सिर्फ प्रोटोकॉल के तहत है. जैसे उनका नाम, उम्र, लिंग आदि जानकारी ली जाती है."

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First published: 27 July 2019, 10:11 IST
 
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