Home » धर्म » Akshaya Tritiya 2018 know about Akshaya Tritiya religious belief, value, shubh muhurta and puja vidhi
 

Akshaya Tritiya 2018: जानें अक्षय तृतीया का महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 April 2018, 10:52 IST

अक्षय तृतीया का त्योहार वैशाख महीने के शुक्‍ल पक्ष की तृतीय तिथि को मनाया जाता है. हिंदू कैलेंडर के मुताबिक चार स्वयंसिद्ध अभिजीत मुहूर्त हैं. जिनमें चैत्र शुक्ल प्रतिपदा अर्थात गुडीपाडवा, अखतीज अथवा अक्षय तृतीया, दशहरा और दीपावली पूर्व प्रदोष तिथियां हैंइसलिए इन दिनों में कोई भी शुभ कार्य करने के लिए पंचांग कैलेंडर देखने की जरूरत नहीं होती.

अक्षय तृतीया पर किए गए कार्यों का कई गुना फल प्राप्‍त होता है. ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस साल अक्षय तृतीया पर शनि की चाल बदलना भी एक विशेष घटना है. जिसका प्रभाव सभी राशियों पर अगले 6 महीने तक देखने को मिलेगापुराणों में बताया गया है कि अक्षय तृतीया बहुत ही पुण्यदायी तिथि है. इस दिन किए गए दान पुण्य के बारे में कहा जाता है कि जो कुछ भी पुण्यकार्य इस दिन किए जाते हैं. उनका फल अक्षय होता है यानी कई जन्मों तक इसका लाभ मिलता है.

विष्णुजी के तीनों अवतार जैसे नर अवतार, परशुराम अवतार, हयग्रीव अवतार अक्षय तृतीया के दिन ही हुए थे. अक्षय तृतीया पर दान करना बहुत ही शुभ माना गया है. ज्योतिषों के अनुसार अगर इस दिन इन 14 चीजों का दान किया जाए तो उत्तम फल प्राप्त होता है. इन चीजों गौ, भूमि, सोना, घी, वस्त्र, धान, गुड़, चांदी, नमक, शहद, मटकी, खरबूजा और कन्या दान शामिल हैं. इसलिए इस दिन विवाह का भी शुभ मुहूर्त होता है.

क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया

अक्षय तृतीया मनाने के पीछे कई मान्यताएं हैं. कहा जाता है कि भगवान विष्‍णु के छठें अवतार माने जाने वाले भगवान परशुराम का जन्‍म इसी दिन हुआ था. परशुराम ने महर्षि जमदाग्नि और माता रेनुकादेवी के घर जन्‍म लिया था. इसीलिए अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्‍णु की उपासना की जाती है.

ऐसी मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा भी स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं. राजा भागीरथ ने गंगा को धरती पर अवतरित कराने के लिए हजारों वर्ष तक तप कर उन्हें धरती पर लाए थे. इस दिन पवित्र गंगा में डूबकी लगाने से मनुष्य के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं.

अक्षय तृतीया का महत्व

अक्षय तृतीया के दिन शुभ कार्य करने का विशेष महत्व है. अक्षय तृतीया के दिन कम से कम एक गरीब को अपने घर बुलाएं और उसका सत्कार करना चाहिए साथ ही उसे भोजन अवश्‍य कराना चाहिए. ऐसा करने से घर में धन धान्‍य में अक्षय बढ़ोतरी होती है. अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर धार्मिक कार्यों के लिए अपनी कमाई का कुछ हिस्‍सा दान करना चाहिए. ऐसा करने से धन और संपत्ति में कई गुना वृद्धि होती है.

पूजा विधि

इस दिन सुख समृद्धि और सौभाग्य की कामना के लिए शिव-पार्वती और नर नारायण की पूजा करनी चाहिए. इसके अलावा मां लक्ष्मी की पूजा करने का भी इस दिन विधान है.

शुभ मुहूर्त

इस साल अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को है. अक्षय तृतीया की तिथि 4.47 बजे से शुरू होकर रात 3.03 बजे तक रहेगी. इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग के महासंयोग के कारण यह बहुत ही लाभदायक है.

ये भी पढ़ें-

First published: 18 April 2018, 10:52 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी