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Buddha Purnima 2020: अभी बाकी है भगवान बुद्ध की पूजा करने का समय, इन बातों का रखें ध्यान

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 May 2020, 13:10 IST

Buddha Purnima 2020: भगवान गौतम बुद्ध (Lord Gautam Buddha) का जन्मदिन बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) के रूप में मनाया जाता है. बुद्ध पूर्णिमा वैशाख माह (Vaishakh) की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है. भगवान गौतम बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ (Siddharth) था. वह एक आध्यात्मिक गुरु (Spiritual Teacher) थे, उनकी शिक्षाओं से बौद्ध धर्म (Buddha Dharma) की स्थापना हुई थी. हालांकि भगवान बुद्ध के जन्म तथा मृत्यु के समय को लेकर तमाम मतभेद हैं. इसलिए उनकी जन्मतिथि अनिश्चित है. हालाँकि, अधिकांश इतिहासकारों ने बुद्ध के जीवनकाल को 563-483 ई.पू. के मध्य माना है.

उनका जन्मस्थान नेपाल के लुम्बिनी नामक स्थान को माना जाता है. उनकी मृत्यु, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में 80 साल की उम्र में हुई थी. बौद्ध धर्म के अनुयायियों के के लिए बोध गया नामक स्थान बहुत महत्वपूूर्ण माना जाता है. जो बिहार में स्थित है. बोधगया के अलावा यूपी का कुशीनगर, लुम्बिनी तथा सारनाथ भी ऐसे स्थान है जहां भगवान बुद्ध को जीवन से जुड़े तीर्थस्थल आज भी मौजूद है. ऐसा माना जाता है कि भगवान गौतम बुद्ध ने बोधगया में ज्ञान प्राप्त किया था तथा उन्होंने पहली बार सारनाथ में धर्म की शिक्षा दी थी. यह माना जाता है कि, गौतम बुद्ध को इसी दिन आत्मज्ञान की प्राप्ति हुई थी.


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बुद्ध पूर्णिमा को बुद्ध जयन्ती तथा वैशाख के नाम से भी जाना जाता है. उत्तर भारत में भगवान विष्णु का 9वां अवतार बुद्ध को तथा 8वां अवतार भगवान कृष्ण को माना जाता है. हालांकि, दक्षिण भारतीय मान्यता में बुद्ध को कभी भी विष्णु का अवतार नहीं माना गया. इस बार बुद्ध पूर्णिमा गुरुवार यानी 07 मई 2020 मनाई जा रही है. हालांकि पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 06 मई 2020 की शाम 07:44 बजे शुरु हुआ और ये आज यानी 07 मई की शाम 4:14 बजे तक रहेगी. यानी अगर आपने भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना नहीं की है तो आपके पास अभी भी पूजा करने का वक्त है.

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भगवान बुद्ध को मानने वाले शाम चार बजकर 14 मिनट पर पूजा कर सकते हैं. इसके लिए आज पूरे घर की साफ–सफाई कर लें. गंगा में स्नान करें या फिर सादे पानी से नहाकर गंगाजल का छिड़काव करना शुभ माना जाता है. घर के मंदिर में विष्णु जी की दीपक जलाकर पूजा करनी चाहिए और घर को फूलों से सजाना शुभ माना जाता है. इसके अलावा घर के मुख्य द्वार पर हल्दी, रोली या कुमकुम से स्वस्तिक बनाएं और गंगाजल छिड़कें.

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साथ ही बोधिवृक्ष के आस-पास दीपक जलाएं और उसकी जड़ों में दूध विसर्जित कर फूल चढ़ाना भी इस दिन समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. इस दिन गरीबों को भोजन और कपड़े दान करने से भगवान की कृपा सालभर तक आप पर बनी रहेगी. इसके अलावा कैदियों और गुलामों को आजाद करने से भी भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है. अगर आपके घर में कोई पक्षी हो तो आज के दिन उन्हें आजाद कर दें. साथ ही शाम यानी रोशनी ढलने के बाद उगते चंद्रमा को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है.

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First published: 7 May 2020, 13:10 IST
 
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