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गणेश चतुर्थी 2018: वास्तु दोष दूर करने के लिए घर में ऐसे लगाएं गणेश प्रतिमा

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 September 2018, 10:00 IST

भगवान गणेश को दुःखहर्ता कहा जाता है. कहा जाता है कि जहां पर भगवान गणेश का वास होता है, वहां पर किसी भी तरह की कोई भी परेशानी नहीं होती है. यही कारण है कि वास्‍तुदोषों को दूर करने के लिए उनकी प्रतिमा, तस्‍वीर या मूर्ति ही काफी होती है.कई वास्तुदोषों का निवारण भगवान गणपति जी की पूजा से होता है. वास्तु पुरुष की प्रार्थना पर ब्रह्माजी ने वास्तुशास्त्र के नियमों की रचना की थी. अगर  आप भी वास्तु दोष को दूर करना चाहते हैं तो इन्  तरीकों को आजमा सकते हैं: 

सुख, समृद्धि व प्रगति करें ये कम

अगर अपने घर के मुख्य द्वार पर भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र लगाया गया हो तो उसके दूसरी तरफ ठीक उसी जगह पर गणेशजी की प्रतिमा इस प्रकार लगाएं कि दोनों गणेशजी की पीठ मिलती रहे. इस प्रकार से दूसरी प्रतिमा का चित्र लगाने से वास्तु दोषों का शमन होता है. भवन के जिस भाग में वास्तु दोष हो, उस स्‍थान पर घी मिश्रित सिन्दूर से स्वस्तिक दीवार पर बनाने से वास्तु दोष का प्रभाव कम होता है.

कहां और कैसे लगाएं भगवान गणेश की प्रतिमा:


घर में बैठे हुए गणेशजी तथा कार्यस्थल पर खड़े गणेशजी का चित्र लगाना चाहिए. भवन के ब्रह्म स्थान अर्थात केंद्र में, ईशान कोण एवं पूर्व दिशा में सुखकर्ता की मूर्ति अथवा चि‍त्र लगाना शुभ रहता है.  घर में सुख, शांति, समृद्धि के लिए सफेद रंग के विनायक की मूर्ति, चित्र लगाना चाहिए.

सर्व मंगल की कामना करने वालों के लिए सिंदूरी रंग के गणपति की आराधना अनुकूल रहती है.  गणेश भगवान की मूर्ति में उनके बाएं हाथ की ओर सूंड घुमी हुई हो. इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि दाएं हाथ की ओर घुमी हुई सूंड वाले गणेशजी हठी होते हैं तथा उनकी साधना-आराधना कठिन होती है.

इसके अलावा भगवान गणेश  मोदक एवं उनका वाहन मूषक अतिप्रिय है अत: घर में चित्र लगाते समय ध्यान रखें कि चित्र में मोदक या लड्डू और चूहा अवश्य होना चाहिए. 

First published: 8 September 2018, 10:00 IST
 
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