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गणेश चतुर्थी पर भूल से भी कर दिया ये 5 काम तो हो सकता है बड़ा अनर्थ !

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 September 2019, 13:10 IST

देशभर में आज पूरे हर्षोल्लास के साथ गणेश चतुर्थी मनाई जा रही है. गणेशोत्सव इस साल 2 सितंबर से 12 सितंबर तक मनाया जाएगा. गणेश चतुर्थी पर लोग अपने घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा बिठाते हैं और उनकी पूजा-अर्चना करते हैं. इस दौरान कुछ ऐसे काम हैं जो भूल से भी करने पर गणपति नाराज हो सकते हैं. ये काम गणेश चतुर्थी पर करने अशुभ माने जाते हैं.

गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन नहीं करने चाहिए. भूलवश चंद्रमा के दर्शन करने के बाद जमीन से एक पत्थर का टुकड़ा उठाकर पीछे की तरफ फेंकने से अनर्थ नहीं होता. अंधेरे में भगवान गणेश के दर्शन नहीं करने चाहिए. अंधेरे में गणेश जी का दर्शन अशुभ माना जाता है.

 

इसके अलावा गणपति की पूजा में तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाने चाहिए. तुलसी ने भगवान गणेश को लम्बोदर और गजमुख कहकर शादी का प्रस्ताव दिया था. जिसके बाद गणेश जी ने नाराज होकर तुलसी को श्राप दे दिया था. तब से गणेश जी की पूजा में तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाए जाते. 

गणेश चतुर्थी की पूजा करते समय व्यक्ति को नीले और काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए. इस दौरान लाल और पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. गणेश चतुर्थी की पूजा में हमेशा गणपति की नई मूर्ति का इस्तेमाल करना चाहिए. पुरानी मूर्ति को पहले विसर्जित कर दें. इसके बाद घर में गणेश की नई मूर्ति लाएं. दो मूर्तियां घर में रखना अशुभ माना जाता है.

 

क्यों मनाई जाती है गणेश चतुर्थी

पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती एक बार स्नान करने से पहले चंदन का उपटन लगा रही थीं. तब उन्होंने भगवान गणेश को घर के दरवाजे के बाहर सुरक्षा के लिए बैठाया था. फिर मां पार्वती स्नान करने लगीं. इस दौरान भगवान शंकर आ पहुंचे तो गणेश जी ने उन्हें घर में जाने से रोका. इससे भगवान शिव क्रोधित हो गए और गणेशजी का सिर धड़ से अलग कर दिया.

मां पार्वती को इस बात का पता चला तो उन्होंने गणेशजी को जीवित करने की बात कही. तब भगवान शिव ने अपने गणों से कहा कि गणेशजी का सिर ढूंढ़ कर लाएं. उनके गणों को किसी बालक का सिर नहीं मिला तो वे एक हाथी के बच्चे का सिर लेकर आए. शिव जी ने हाथी के बच्चे के सिर गणेश जी के धड़ से जोड़ दिया. इस प्रकार हाथी के सिर के साथ भगवान गणेश का दोबारा जन्म हुआ. तब से गणेश चतुर्थी मनाई जाती है.

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First published: 2 September 2019, 13:10 IST
 
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