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Good Friday 2018: क्यों मनाया जाता है गुड फ्राइडे, जानें प्रभु ईसा के संदेश

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 March 2018, 12:56 IST

इस साल गुडफ्राइडे 30 मार्च को है. ईसाई धर्म के अनुयायी इस दिन को प्रभु ईसा के बलिदान दिवस के रूप में याद करते हैं. ईसाई धर्म के लोगों के लिए गुड फ्राइडे का विशेष महत्व है. ऐसा माना जाता है कि इसी दिन प्रभु ईसा मसीह को रोमन सैनिकों ने सूली पर चढ़ा दिया था. प्रभु ईसा धरती पर हो रहे अत्याचारों का विरोध और प्रेम, क्षमा का संदेश देते हुए सूली पर चढ़ गए.

ऐसा कहा जाता है कि प्रभु ईसा को इस बात का पहले ही एहसास हो गया था. इसलिए गुड फ्राइडे के 40 दिन पहले ही जीसस ने व्रत शुरू कर दिया था. जीसस ने बुधवार को अपना व्रत शुरू किया था, जिसे एश बुधवार यानी कि राख बुधवार के नाम से जाना जाता है. गुड फ्राइडे को ब्लैक फ्राइडे, ग्रेट फ्राइडे या ईस्टर फ्राइडे के नाम से भी जाना जाता है.

गुड फ्राइडे के दिन ईसाई समुदाय के लोग व्रत रखते हैं और चर्च में प्राथनाएं करते हैं. साथ ही इस दिन प्रभु ईसा के दिए गए उपदेशो और शिक्षाओं को याद करते हैं. सूली पर चढ़ाए जाने के दौरान प्रभु ईसा ने अंतिम संदेश दिया था कि किसी को क्षमा करना सबसे बड़ी शक्ति होती है. अपने प्राणों को त्यागने के पहले उनके आखिरी शब्द थे- ' हे ईश्वर इन्हें माफ कर दें, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं'.

क्रॉस को क्यों पवित्र मानते हैं ईसाई
ईसाई धर्म में क्रास को बड़ा पवित्र माना जाता है. लोग इसकी पूजा करते हैं और इसके प्रतीक चिन्ह को गले में पहनते हैं. कहा जाता है कि गुड फ्राइडे के दिन ही प्रभु ईसा को सूली चढ़ाए जाने से पहले तमाम तरह की यातनाएं दी गईं. उनके सिर पर कांटो का ताज पहनाया गया. फिर सूली को कंधों पर उठाकर ले जाने को कहा गया इस दौरान उन पर लगातार चाबुक बरसाए गए. फिर बेरहमी से कीलों की सहायता से उनको सूली पर लटका दिया गया.

कहते है कि प्रभु ईसा करीब 6 घंटे वह सूली पर लटके रहे. बाइबिल के अनुसार जब प्रभु ईसा अपने प्राण त्याग रहे थे तो उन्होंने ईश्वर को पुकारकर कहा कि हे पिता मैं अपनी आत्मा को तुम्हारे हाथों को सौंपता हूं. फिर उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए. ऐसा माना जाता है कि क्रॉस चारों दिशाओं से सकारात्मक ऊर्जा खींचता है और जीवन से नकारात्मकता को खत्म करता है. इसे धारण करने वाले लोगों पर आत्माओं का साया नहीं पड़ता.

प्रभु ईसा के प्राण त्यागने वाले दिन को क्यों कहा जाता है 'गुड फ्राइडे'

गुड फ्राइडे को ईसा मसीह ने अपने प्राण त्यागे थे. ये दिन ईसाई धर्म के मानने वालों के लिए बेहद दुख वाला है. लेकिन फिर भी इसे ‘गुड फ्राइडे’ कहा जाता है. इसके पीछे की मान्यता यह है कि प्रभु ईसा ने अपने प्राण लोगों की भलाई के लिए दे दी. इस दिन बुराईयों और पाप का नाश हो गया. इस दिन को पवित्र माना जाता है. इसलिए इसे गुड फ्राइडे कहा जाने लगा. ईसाई धर्म के लोग इस दिन कोई सेलिब्रेशन नहीं करते बल्कि इस दिन को प्रभु ईसा के प्राण त्यागने वाले दिन के रूप में याद करते हैं.

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First published: 29 March 2018, 12:50 IST
 
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