Home » धर्म » Hanuman Jayanti 2018: Hanuman jayanti 2018 Hanuman jayanti date, Hanuman jayanti images, Hanuman jayanti bhajan, Hanuman jayanti date 2018,
 

Hanuman Jayanti 2018: हनुमान जयंती पर ऐसे करें बजरंगबली की पूजा, बनेंगे बिगड़े काम

सुहेल खान | Updated on: 31 March 2018, 11:12 IST

भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त हनुमानजी की आज जयंती है. हनुमानजी को भगवान शिव का 11वां अवतार माना जाता है. शास्त्रों के मुताबिक हनुमानजी का जन्म चैत्र महीने की पूर्णिमा के दिन हुआ था. आज के दिन बजरंगबली के भक्त पूरे दिन व्रत रखते हैं. मान्‍यता है कि इस दिन पांच या 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करने से पवन पुत्र हनुमान प्रसन्‍न होकर भक्‍तों पर कृपा बरसाते हैं. नौ साल बाद संकटमोचन हनुमान का जन्मदिन शनिवार के दिन पड़ रहा है.

इसके साथ ही कई मंगलकारी योग भी बन रहे हैं. शनिवार को ही मंगल और शनि धनु राशि में हैं. ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक शनि और मंगल का विशेष द्विग्रही योग बन रहा है साथ ही इस दिन हस्त नक्षत्र भी है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन व्रत रखते से बजरंगबली बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और भक्ति से प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्रदान करते हैं.

भगवान शंकर के 11 वें अवतार हैं बजरंगबली

ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी की पूजा से सभी ग्रहों की पीड़ा शांत हो जाती है. यह वरदान उनको भगवान शंकर से प्राप्त हुआ है. वह भगवान शंकर के 11 वें रुद्रावतार हैं. वह रुद्र भी हैं और भोले भी. जिस भाव से उनको भजा जाता है, वह उसी शक्ति में आते हैं. उनकी पूजा अग्नितत्व है. वायु तत्व है. बजरंगवली ने सूर्य को सेब समझकर मुंह में रख लिया. वहीं इंद्र ने वार किया तो ठोड़ी पर लगा. बता दें कि संस्कृत में ठोड़ी को हनु कहते हैं. इसीलिए बजरंगवली का नाम हनुमान पड़ गया.

बजरंगबली का क्या है शनि से संबंध

ऐसा नौ साल बाद हो रहा है कि हनुमान जयंती शनिवार के दिन पड़ रही है. शनि महाराज से भले ही सब कांपते हों लेकिन शनि हनुमान जी से डरते हैं. ऐसी मान्यता है कि हनुमानजी ने शनि महाराज को अपनी पूंछ में बांधकर रामसेतू की परिक्रमा करा दी थी. जिससे शनि घायल हो गए थे.

अपनी पीड़ा को शांत करने के लिए शनि महाराज ने अपने शरीर पर सरसों का तेल लगाया था. इसलिए शनि महाराज को सरसों का तेल चढ़ाया जाता है. हनुमान जी ने उनको इस शर्त पर छोड़ा कि तुम मेरे भक्तों को कष्ट नहीं दोगे. इस बार शनिवार को हनुमान जयंती होने से शनि शांति का अवसर मिल रहा है.

इसलिए चढ़ता जाता है पवनपुत्र पर सिंदूर

कहा जाता है कि हनुमानजी ने एक बार सीता जी से पूछा कि आप सिंदूर क्यों लगाती हैं. इस पर मां सीता ने जवाब दिया कि वे भगवान राम की दीर्घायु के लिए सिंदूर लगाती हैं. उसके बाद हनुमान जी ने अपने पूरे शरीर पर ही सिंदूर लगा लिया. हनुमान जी के जन्मद‌िन के मौके पर रात्रि के समय बजरंगवली की पूजा करने से हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है. हनुमानजी के जन्मदिन पर घी में चुटकी भर स‌िंदूर म‌िलाकर हनुमान जी को लेप लगाएं. इससे शनि और राहू का दोष समाप्त होता है.

ऐसा कहा जाता है कि गृहस्थजनों को हनुमानजी की पूजा शंकरजी के रुद्रावतार के रूप में करनी चाहिए. वहीं व्यापारियों को पवनपुत्र, विद्यार्थियों को हनुमान, स्त्रियों को अंजनीपुत्र, नौकरीपेशा वालों को मंगलमूरति, खिलाड़ियों और सैन्य सेवा में रहने वालों को बजरंगबली के रूप में पूजा करनी चाहिए. ऐसा करने से सभी ग्रह शांत हो जाते हैं.

कैसे करें बजरंगवली की पूजा

इस दिन बजरंगवली को चोला चढ़ाएं. बता दें कि चोला में चोला या वस्त्र, धूप, दीप, अगरबत्ती, पान, नारियल, पंच मेवा, सिंदूर, चमेली का तेल, चांदी के बर्क, बेसन के लड्डू या बूंदी, जनेऊ, पांच सुपारी, लोंग, फूलमाला और फल इत्यादि को शामिल करें. वहीं शनि की शांति के लिए सरसों के तेल का दीपक जलाए और सिंदूर चढ़ाएं. वहीं पीपल के 108 पत्तों पर रामनाम लिखकर हनुमानजी को अर्पित करें. इससे पितृदोष का निवारण होता है.

कार्य की सफलता के लिए करें इस मंत्र का जाप

कहा जाता है कि कार्य की सफलता के लिए ऊं श्री हनुमते नम: या ऊं हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए. वहीं सर्व कार्य सिद्धि के लिए 11 या 21 बार हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें.

हनुमान जयंती पर पूजा का शुभ मुहूर्त

हनुमान जयंती का शुभारंभ पूर्णिमा तिथि से ही शुरु हो जाता है. पूर्णिमा तिथि 30 मार्च 2018 शाम 7 बजकर 35 मिनट से शुरु हो चुकी है. वहीं ये 31 मार्च 2018 शाम 6 बजकर 6 मिनट तक रहेगी. शुभ मुहूर्त प्रातः 9:20 से 1:30 तक तथा सांय 3:00 से 6 बजे तक रहेगा. ग्रहों की शांति के लिए सायंकाल का पूजन श्रेष्ठ माना जाता है. हनुमान जी की गुरु के रूप में पूजा का समय 9.20 से है.

First published: 31 March 2018, 10:46 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी