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Hartalika Teej 2018: महिलाओं के लिए खास है ये त्योहार, ऐसे पूजन करने से हर मनोकामना होती है पूरी

, कैच ब्यूरो | Updated on: 10 September 2018, 14:57 IST

हमारा देश में तमाम तीज-त्योहार मनाए जाते हैं. हर त्योहार का अपना महत्व है. इनमें से एक त्योहार है हरतालिका तीज. हर साल हरतालिका तीज का त्योहार भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. इस बार ये त्योहार बुधवार यानी 12 सितंबर को मनाया जाएगा. महिलाओं के लिए ये त्योहार खासा महत्व रखता है. विवाहित महिलाएं इस दिन व्रत रखनी हैं और अपने पति की लंबी उम्र की भगवान से कामना करती है. वहीं कुंवारी कन्याओं के इस दिन व्रत रखने से उन्हें मनोवांछित वर की प्राप्ति होती है.

क्या है इस त्योहार को मनाने की मान्यता

हर व्रत त्योहार को मनाने के पीछे कोई ना कोई कहानी होती हैं. हरतालिका तीज को मनाने के पीछे भी एक कहानी है. माना जाता है कि इस दिन माता पार्वती की सहेलियां उनका हरण कर उन्हें जंगल में ले गई थीं. जहां माता पार्वती ने भगवान शिव को वर रूप में पाने के लिए कठोर तप किया. तभी से ऐसी मान्यता चली आ रही है कि इस दिन भगवान की आराधना करने, व्रत रखने से सुहागिनों को अपने सुहाग (पति) की लंबी आयु और अविवाहित कन्याओं को मनोवांछित वर की प्राप्त होने का वरदान मिलता है.

कैसे करें हरतालिका तीज पर पूजा

हरितालिका तीज पर प्रातः काल में पूजन करना ठीक माना जाता है. इसीलिए इस दिन पूजा पाठा प्रदोष बेला में किया जाता है. इस दिन पूजन के लिए मिट्टी अथवा बालू से भगवान शिव, माता पार्वती जी और भगवान गणेश जी की मूर्ति बनाई जाती है.

इन मूर्तियों को फुलेरा बनाकर सजाना चाहिए. उसमें रंगोली डालकर चौकी रखें. उस पर स्वस्तिक बनाकर उसमें थाल के साथ केले का पत्ता रखकर उसमें भगवान स्थापित करना चाहिए. उसके बाद कलश बना कर उसको स्थापित करना चाहिए. इसके लिए सबसे पहले कलश का पूजन किया जाना चाहिए. इससे पहले कलश को जल से स्नान कराकर रोली चन्दन और चावल चढ़ाने चाहिए.

कलश पूजन करने के पश्चात भगवान गणेश का पूजन करना चाहिए. उसके पश्चात् शिव जी और माता पार्वती जी का पूजन कर मां पार्वती जी का श्रृंगार करना चाहिए. उसके बाद हरितालिका की कथा कर उनकी आरती करनी चाहिए. इसी के साथ रात्रि बेला में रतजगा करना चाहिए. अगले दिन प्रातः काल पूजन करके मां पार्वती जी को सिन्दूर अर्पित कर सिन्दूर ले लें.

उसके बाद मां पार्वती को ककड़ी और हलवे का भोग लगाना चाहिए. उसी भोग से उपवास खोलना चाहिए. उपवास खोलने के पश्चात सभी सामग्री को जल में प्रवाहित कर देना चाहिए.

हरतालिका तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त

इस बार हरतालिका तीज 12 सितंबर यानी बुधवार को मनाई जाएगी. इस दिन पूजन का शुभ मुहूर्त प्रातः काल 6:15 से 9:20 तक का हैं.

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First published: 10 September 2018, 14:39 IST
 
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