Home » धर्म » Holi 2020: Its wonderful coincidence is being made on this Holi after 499 years, all zodiac signs will get benefits
 

इस बार होली पर 499 साल बाद बन रहा अद्भुत संयोग, सभी राशियों के जातकों को होंगे ये लाभ

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 March 2020, 13:14 IST

Holi 2020 Shubh Muhurt: इस साल होली का त्योहार (Holi Festival) 9 मार्च (9th March) सोमवार (Monday) को मनाया जाएगा. इस दौरान होलिका दहन (Holika Dahan) किया जाएगा उसके बाद होलिका पूजन (Holika Pujan) और लोग एक दूसरे को रंग-गुलाल (Colour and Gulal) लगाकर एक दूसरे को बधाईयां (Wishes) देंगे. लेकिन इस बार होली अन्य साल की होली की तुुलना में काफी खास है, क्योंकि इस होली पर 499 साल बाद अद्भुत संयोग बन रहा है. जो हर राशि के जातकों को शुभ फल देने वाला होगा.

इस होली के बाद सभी राशि वाले लोगों की परेशानियां खत्म होने की उम्मीद है. बता दें कि ये महासंयोग इससे पहले साल 1521 में बना था. तब भी मकर राशि में शनि ग्रह और गुरु अपनी धनु राशि में रहे थे और इस बार भी ऐसा ही रहने जा रहा है. जिसके चलते होली पर शुभ संयोग रहेगा. इससे पहले 03 मार्च 1521 यानि अब से 499 साल पहले होली के दिन दोनों ग्रहों के अपनी-अपनी राशियों में होने के कारण ऐसा संयोग बनाया था.

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, होलिका दहन के समय इस साल भद्राकाल की बाधा नहीं रहेगी. फाल्गुन माह की पूर्णिमा यानी होलिका दहन के दिन भद्राकाल सुबह सूर्योदय से शुरू होकर दोपहर करीब डेढ़ बजे ही खत्म हो जाएगा. इस तरह होलिका दहन शाम को प्रदोष काल में यानी शाम 6:30 से 7:20 तक किया जा सकेगा. वहीं पूर्णिमा तिथि रात 11 बजे तक रहेगी.

ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि 9 मार्च होली के समय पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र होने के चलते ध्वज योग रहेगा, जो सभी राशियों के जातकों को यश-कीर्ति और विजय प्रदान करने वाला होगा. वहीं दूसरी ओर सोमवार को पूर्णिमा तिथि होने के कारण चंद्रमा का प्रभाव अधिक रहेगा. ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, सोमवार को चंद्रमा का दिन माना गया है. होली पर स्वराशि स्थित गुरु की दृष्टि चंद्रमा पर रहेगी, जिससे गजकेसरी योग का प्रभाव रहेगा. तिथि-नक्षत्र और ग्रहों की विशेष स्थिति में होलिका दहन पर रोग, शोक और दोष का नाश होगा, शत्रुओं पर विजय भी मिलेगी. होली पर शुक्र मेष राशि, मंगल और केतु धनु, राहु मिथुन, सूर्य और बुध कुंभ और चंद्र सिंह राशि में रहेगा. ग्रहों के इन योगों में होली आने से यह शुभ फल देने वाली रहेगी.

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस बार पूर्णिमा सोमवार को पड़ रही है. गुरु और शनि इस बार सूर्य के नक्षत्र में उतराषाढ़ा में रहेंगे. पूर्णिमा सोमवार को पड़ने के कारण पूर्वा पर्व नक्षत्र के बाद उत्तरा पर्व नक्षत्र है. इसमें होलिका पड़ने से कार्य क्षेत्र में वृद्धि की उपलब्धि होगी, साथ ही सोम्य योग होने के कारण किसानों के लिए भी ये होली अच्छी रहेगी. बता दें कि इस साल होलिका दहन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र सिंह राशि में होगा. शाम 6:44 से रात्रि 9:02 तक का समय होलिका दहन के लिए उत्तम रहेगा.

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First published: 6 March 2020, 13:38 IST
 
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