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Janmashtami 2018 : मंदिर नहीं जा पा रहे हैं तो घर पर ऐसे करें पूरे विधी-विधान के साथ कन्हैया की पूजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 September 2018, 9:54 IST

जन्माष्टमी का पर्व भारत सहित पूरी दुनिया में मनाया जाता है. इनदिनों मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी की धूम मची हुई है. भगवान कृष्ण विष्णु के आठवें अवतार है. ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस बार जन्माष्टमी पर ठीक वैसा ही संयोग बन रहा है, जैसा द्वापर युग में बाल कृष्ण के रूप में भगवान विष्णु ने अवतार लिया था.

यह कृष्ण जन्माष्टमी निसंतान दंपतियों के लिए बेहद शुभ है. ऐसे में अगर कोई जातक भगवान कृष्ण को प्रसन्न करना चाहता है तो उनकी पूजा अर्चना करे. वहीं इस दिन अगर कोई भक्त भगवान की पूजा के लिए मंदिर नहीं जा पाए, तो घर पर भी भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना कर उन्हें खुश किया जा सकता है. अगर आपके घर के आस-पास मंदिर नहीं है तो आप घर के मंदिर में ही बाल कृष्ण की पूजा कर सकते हैं.

कैसे करें कान्हा की पूजा

अगर आप जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर नहीं जा पा रहे हैं तो घर पर ही कन्हैया की पूजा करें. इसके लिए सुबह उठकर स्नान करें और और नए वस्त्र पहनकर तिलक करें. इसके बाद घर के मंदिर की शुद्धि करें और मंदिर में एक छोटा सा पालना स्थापित करें. इसके उपरांत भगवान कृष्ण की प्रतिमा का शहद, दूध घी, दही और गंगाजल से स्नान कराएं.

उसके बाद बाल कृष्ण को पीले वस्त्र पहनाएं. वस्त्र पहनाने के बाद कान्हा का चंदन से तिलक करें और पीले रंग के आभूषणों से उनका श्रृंगार करें. इसके बाद प्रतिमा को पालने में स्थापित कर दें.

उसके बाद एक साफ थाली में कुमकुम, धूप, दीपक, फूल और एक लोटे में गंगाजल लें. एक दूसरी प्लेट में फल-फूल और पानी और घी का दीपक रखें. लोटे से अपने बाएं हाथ में पानी लें और 'ओम अच्युत्याय नमः' का जाप करते हुए जल को पी लें. उसके बाद भगवान कृष्ण के सामने घी का दीपक जलाएं और बाल कृष्ण के भजन गाएं.

अब भगवान कृष्ण की आरती गाएं और उन्हें भोग लगाएं. बता दें कि वैसे तो मंदिरों में भगवान कृष्ण को 108 से भी ज्यादा पकवानों का भोग लगाया जाता है, लेकिन आप घर पर पूजा कर रहे हैं तो भगवान कृष्ण की प्रिय चीजों से उन्हें भोग लगाएं. भाग में माखन, मिसरी और खीर शामिल करें.

बाल कृष्ण को भोग लगाने के बाद उनसे क्षमा याचना करें और अपने सभी पापों के लिए माफी मांगें. इसके बाद चढ़ाया गया प्रसाद घर के साथ ही आस-पास के लोगों को बांट दें. हो सके तो इस दिन किसी ग्वाल को घर पर खाना खिलाएं और उन्हें उपहार भी दें. साथ ही इस दिन गाय की सेवा करना न भूलें. क्योंकि गाय भगवान कृष्ण को अत्यंत प्रिय थी.

ऐसे में गायों की सेवा करना लाभकारी हो सकता है. इस बार दो दिन जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है. 2 और 3 सितंबर को यानी इस बार अष्टमी तिथि दो दिनों की है. सोमवार यानी 3 सितंबर को अष्टमी शाम 7:19 बजे तक रहेगी. ऐसे में कृष्ण भक्त सोमवार यानी 3 सितंबर को भी कन्हैया की पूजा अर्चना कर सकते हैं.

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First published: 3 September 2018, 9:55 IST
 
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