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जानिए पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान क्यों पहने जाते हैं पीले वस्त्र

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 October 2018, 14:22 IST

हमारे देश में धार्मिक रीति-रिवाजों से जुड़ी अलग-अलग मान्यताएं हैं. वो चाहे किसी त्योहार के दौरान हों या पूजा पाठ के लिए हर काम के लिए धार्मिक मान्यताएं भी हैं. इसीलिए किसी भी धार्मिक कार्य का शुभारंभ करने से पहले उससे जुड़ी परंपराओं का विशेष ध्यान रखा जाता है. भगवान की पूजा-आराधना में हिन्दू धर्म में पीले रंग या केसरिया कपड़े पहनना शुभ माना जाता हैं.

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ऐसा माना जाता है कि पूजा में काले कपड़े नहीं पहनना चाहिए. यदि पीले या केसरिया कपड़े पहने जाएं तो उसे बहुत शुभ माना जाता है. परंतु ऐसी मान्यता क्यों है और इसकी क्या वजह है आज हम आपको इसी के बारे में बताएंगेदरअसल, अगर ज्योतिष के दृष्टिकोण से देखा जाए तो पीले रंग को गुरु का रंग माना जाता है.

ज्योतिष के अनुसार गुरु ग्रह आध्यात्मिक और धर्म का कारक ग्रह है. ऐसा माना जाता है कि पूजा में पीले रंग के कपड़े पहनने से मन स्थिर रहता है और मन में अच्छे विचार आते हैंसाथ ही पीले व केसरिया रंग को अग्रि का प्रतीक माना जाता है. अग्रि को हमारे धर्म ग्रंथों में बहुत पवित्र माना गया है. इसलिए ऐसी मान्यता है कि पीला रंग पहनने से मन में पवित्र विचार आते हैंकाले रंग को देखकर मन में नकारात्मक भावनाएं आती हैं. इसके विपरीत पीले रंग को देखकर मन में सकारात्मक भाव आते हैं

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इसलिए पूजा में पीले कपड़े पहनने चाहिएवहीं पीला रंग बहुत ही शुभ माना जाता है और यह भगवान विष्णु का पसंदीदा रंग होता है. वहीं साईं बाबा को भी यह रंग काफी पसंद था. इसलिए तो गुरुवार को साईं बाबा की पूजा करने वाले लोग पीले रंग के वस्त्र पहनते हैं और पीला ही रंग का भोजन करते हैंपीला रंग कर्मठता तत्परता और उत्तरदायित्व निभाने वाला और इमोशनल रंग माना जाता है. इसलिए पीले रंग के कपड़े पहनने की मान्यता हिंदू धर्म में रही है.

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First published: 19 October 2018, 14:10 IST
 
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