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पांच जून को पड़ेगा चंद्र ग्रहण, ग्रहों की दिशा और दशा में भी होगा सुधार, जानिये क्या होगा असर

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 May 2020, 15:12 IST

Lunar Eclipse 2020: इस साल का दूसरा चंद्र ग्रहण (Lunar  Eclipse) पांच जून (5th June) को लगने वाला है. ये चंद्र ग्रहण हिंदी कलेंडर के मुताबिक, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को लगने जा रहा है. बता दें कि इसी तरह हिंदू पंचांग के मुताबिक, साल के हर महीने का अपना अलग महत्व होता है. इन्हीं में ज्येष्ठ माह भी शामिल है, जिसका खास महत्व माना जाता है. बता दें कि ज्येष्ठ माह इस साल यानी अंग्रेेजी साल 2020 में 05 जून को समाप्त हो रहा है. इसी दिन चंद्र ग्रहण भी होने वाला है.

धार्मिक शास्त्रों के मुताबिक, ज्येष्ठ माह हिंदू पंचांग का तीसरा महीना होता है और उसके बाद आषाढ़ महीने की शुरूआत होती है. लेकिन इससे पहले 25 मई से नौतपा शुरू हो गया है. जो 2 जून यानि निर्जला एकादशी तक रहेगा. नौतपा के बारे में कहा जाता है इस समय गर्मीं अपनी चर्म सीमा पर पहुंच जाती है. ज्योतिषाचार्यं के मुताबिक, रोहिणी नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश से ही नौतपा की शुरुआत होती है. जिस समय में सूर्य रोहिणी नक्षत्र में होते हैं उस समय चन्द्र नौ नक्षत्रों में भ्रमण करता है, जिसकी वजह से इसे नौतपा कहा जाता है, लेकिन इस बार सूर्य का रोहिणी में परिभ्रमण 7 जून तक रहेगा.


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ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, चंद्र देव रोहिणी नक्षत्र का स्वामी हैं, जो शीतलता देता है. लेकिन इस समय ये सूर्य के प्रभाव में आ जाता है. ज्योतिष गणना के मुताबिक गुरु व शनि की वक्री चाल के चलते नौतपा में खूब गर्मी पड़ती है. वहीं 30 मई को शुक्र अपनी ही राशि वृषभ में अस्त हो रहा है, जिसके कारण गर्मी में कमी आ सकती है. साथ ही इसके कारण नौतपा के आखिरी दो दिनों के भीतर आंधी तूफान व बारिश हो सकती है. इसके चलते शुक्रदेव रस प्रधान हैं, जो सूर्य के ताप को कम करेगा. जिसके चलते नौतपा में 31 मई को शुक्र ग्रह के तारे का अस्त हो रहा है.

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इससे बारिश की संभावना है, यह तारा 9 जून को उदय होगा. इस पूरी गणना वर्षा चक्र तैयार होता है. बता दें कि नौतपा में धरती पर सूर्य की किरणें सीधी लम्बवत पड़ती हैं. जिस कारण तापमान अधिक बढ़ जाता है. कई ज्योतिषी मानते हैं कि यदि नौतपा के सभी दिन पूरे तपें, तो यह अच्छी बारिश का संकेत होता है. पौराणिक महत्व मान्यताओं के मुताबिक, नौतपा का ज्योतिष के साथ-साथ पौराणिक महत्व भी है. ज्योतिष के सूर्य सिद्धांत और श्रीमद् भागवत में नौतपा का वर्णन आता है. कहते हैं जब से ज्योतिष की रचना हुई, तभी से ही नौतपा भी चला आ रहा है. सनातन सस्कृति में सदियों से सूर्य को देवता के रूप में भी पूजा जाता रहा है.

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ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस दौरान जितना संभव हो इस जल का दान करना चाहिए. क्योंकि अधिक गर्मी की वजह से पानी की समस्या बढ़ जाती है. ऐसे में उन लोगों तक पानी जरूर पहुंचाना चाहिए, जिन्हें गरीबी की वजह से खाने व पीने को पानी तक बमुश्किल से मिलता है. ऐसा करने से समस्त प्रकार के देवताओं की कृपा प्राप्त होती है.

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इसके अलावा इस घरों की छतों पर या घरों के बाहर पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी भी रखना शुभ माना जाता है. कहा जाता है ज्येष्ठ माह में गर्मी के कारण तमाम छोटे-मोटे नदी-तालाब सूखने लगते हैं जिस वजह से पशु- पक्षियों को पानी नहीं मिल पाता है. माना जाता है कि पक्षियों को दाना-पानी देने से कुंडली के ग्रहों की दशा-दिशा में सुधार आता है.

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First published: 28 May 2020, 15:12 IST
 
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