Home » धर्म » mahashivratri 2020 belpatra mahatva
 

Mahashivratri 2020: शिवरात्रि के दिन भोलेनाथ को चढ़ा दे बस ये एक चीज, मिल जाएगा मनचाहा सबकुछ

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2020, 15:12 IST

Mahashivratri 2020: बेलपत्र का भगवान शिव की पूजा में खास महत्व माना जाता है. इसलिए बेलपत्र शिव जी को चढ़ाना शुभ माना जाता है. लेकिन यदि आप हर रोज पूजा के दौरान बेलपत्र नहीं चढ़ा सकते तो आप सावन या फिर प्रदोष के व्रत के दिन चढ़ा सकते हैं. ऐसा करने से कहते हैं कि पुण्य की प्राप्ति होती है. साथ ही सभी पापों से मुक्ति भी मिलती है. लेकिन किसी कारणवश आपके पास बेलपत्र न हो तो स्वर्ण, रजत, ताम्र के बेलपत्र बनाकर उनका पूजन करें. इस बार महाशिवरात्रि 21 फरवरी के दिन पड़ रही है. इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं शिव जी की पूजा पर चढ़ाने वाले बेलपत्र के महत्व के बारे में...

माना जाता है कि बेलपत्र के पेड़ की जड़ों में महादेल का वास होता है और इसलिए श्रीवृक्ष भी बोलते हैं. बेलपत्र की तीन पत्तियां एक साथ होना त्रिदेव का रूप मानी जाती है. बेलपत्र को लेकर एक कहावत ये है कि एक बार पार्वती ने अपनी उंगलियों से अपने ललाट पर आया पसीना को पोछकर फेंक दिया था. उसके पसीने की कुछ बूंदें मंदार पर्वत पर गिरीं. उसी से बेलवृक्ष उत्पन्न हुआ. इसीलिए इसके ज्यादातर पेड़ों को मंदिरों के आसपास ही लगाया जाता है.

 Vastu Tips: पैसों की तंगी से लेकर शादी तक सभी समस्या का समाधान है कपूर और लौंग, बस करें ये 5 उपाय

बेलपत्र को लेकर एक ये भी मान्यता है कि जिस स्थान पर यह पौधा या वृक्ष होता है, वो काशी तीर्थ के समान पवित्र और पूजनीय स्थल हो जाता है. इसका प्रभाव यह होता है कि घर का हर सदस्य यशस्वी तथा तेजस्वी बनता है. साथ ही ऐसे परिवार में सभी सदस्यों के बीच प्रेम भाव रहता है. घर में किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती.

कुछ बातों का रखें विशेष ध्यान-

बेलपत्र तोड़ने के नियमों को ध्यान में रखते हुए पूजा करना ही श्रेष्ठ होता है. टूटे हुए बेलपत्र यदि अच्छी अवस्था में हो तो एक से ज्यादा बार भी शिवपूजा में उपयोग किए जा सकते हैं. इस बात का ध्यान रखें कि बेलपत्र सूखे और जीर्ण-शीर्ण अवस्था में न हों.

शिवलिंग पर बिल्वपत्र चढ़ाने से पहले पत्तियों पर चंदन या अष्टगंध से ओम, शिव पंचाक्षर मंत्र या शिव नाम लिखकर चढ़ायें. इससे व्यक्ति की दुर्लभ कामनाओं की पूर्ति हो जाती है.

काले घोड़े की नाल रातों रात बदल सकती है आपकी किस्मत, बस ऐसे करें इस्तेमाल

Mahashivratri 2020: महाशिवरात्रि पर 59 साल बाद बन रहा विशेष संयोग, शुभफल के लिए ऐसे रखें व्रत

 

First published: 11 February 2020, 15:12 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी