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Mahashivratri 2020: महाशिवरात्रि पर 59 साल बाद बन रहा विशेष संयोग, शुभफल के लिए ऐसे रखें व्रत

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2020, 16:13 IST

Mahashivratri 2020: इस बार महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का त्योहार 21 फरवरी (21st February) को मनाया जाएगा. इस महाशिवरात्रि पर 59 साल बाद विशेष योग बन रहा है. इस योग को साधना-सिद्धि के लिए खास माना जाता है. ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, ये शश योग (Shsh Yog) कहलाता है. इस दिन पांच ग्रहों (Planets) की राशि पुनरावृत्ति भी होती है. ज्योतिषाचार्यों (Astrologers) के मुताबिक, इस दिन शनि, चंद्र मकर राशि, गुरु धनु राशि, बुध कुंभ राशि तथा शुक्र मीन राशि में रहेंगे. बता दें कि इससे पहले ग्रहों की यह स्थिति और ऐसा योग साल 1961 में बना था. इस दौरान दान-पुण्य करने का भी विधान है.

ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि महाशिवरात्रि के दिन श्रद्धालुओं को ज्यादा से ज्यादा दान देने से पुण्य मिलता है. इसके साथ ही महाशिवरात्रि के मौके पर साधु-संतों के साथ ब्राह्मणों और गरीबों को भोजन कराकर वस्त्र दान करना चाहिए. साथ ही गायों को हरा चारा खिलाना भी शुभ माना जाता है. महाशिवरात्रि के मौके पर पक्षियों को दाना डालने के साथ कुंडली लगाना भी शुभ माना जाता है. साथ ही पीपल को जल चढ़ाने से भी शुभ फल की प्राप्ति होती है.

महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का व्रत करने से और उनकी आराधना करने से शिव खुश होते हैं और भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं. इस दिन शिवालयों में भोले के भक्त शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं. ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि ज्योतिष शास्त्र में साधना के लिए तीन रात्रि विशेष मानी गई हैं. इनमें शरद पूर्णिमा को मोहरात्रि, दीपावली की कालरात्रि तथा महाशिवरात्रि को सिद्ध रात्रि कहा गया है.

इस बार महाशिवरात्रि पर चंद्र शनि की मकर में युति के साथ शश योग बन रहा है. श्रवण नक्षत्र में आने वाली शिवरात्रि व मकर राशि के चंद्रमा का योग ही बनता है. जबकि, इस बार 59 साल बाद शनि के मकर राशि में होने से तथा चंद्र का संचार अनुक्रम में शनि के वर्गोत्तम अवस्था में शश योग का संयोग बन रहा है. चूंकि चंद्रमा मन तथा शनि ऊर्जा का कारक ग्रह है. 

यह योग साधना की सिद्धि के लिए विशेष महत्व रखता है. इस बार महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग भी रहेगा. बता दें कि इस योग में भगवान शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना को सबसे श्रेष्ठ माना जाता है. इस दौरान शिव पुराण और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना भी शुभफल देय होता है.

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First published: 11 February 2020, 12:11 IST
 
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