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महादेव के इस मंदिर में दिन में 3 बार रंग बदलता है ये शिवलिंग, वैज्ञानिक भी नहीं ढूंढ़ पाए राज़

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 August 2018, 17:14 IST

भगवान का शिव का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इसीलिए उन्हें देवों के देव महादेव भी कहा जाता है. पौराणिक कथाओं में भी भगवान शिव के चमत्कारों का उल्लेश मिलता है. देश में भगवान शिव के हजारों मंदिर में इनमें से कई में कुछ चमत्कारों से भरे हुए हैं जिनका आजतक कोई पता नहीं लगा पाया. ऐसा ही कुछ है अचलेश्वर महादेव मंदिर में जो विज्ञान के लिए भी चुनौती बना हुआ है.

राजस्थान के धौलपुर में स्थित अचलेश्वर महादेव के मंदिर में भगवान शिव का चमत्कार देखा जा सकता है. भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर का शिवलिंग दिन में 3 बार रंग बदलता है. वैसे तो देखने में यह बिल्‍कुल आम शिवलिंग की तरह ही है, लेकिन इसके बदलते हुए खूबसूरत रंग सभी को हैरान कर देते हैं.

बताया जाता है कि यह शिवलिंग दिन में 3 बार अपना रंग बदलता है. ऐसा क्‍यों होता है इसका कारण खुद वैज्ञानिक भी अभी तक नहीं ढूंढ पाए. इस शिवलिंग का रंग सुबह के समय लाल होता है तो दोपहर ये केसरिया रंग में बदल जाता है. उसके बाद रात होते होते ही ये श्‍याम रंग का हो जाता है. इसका अंतिम छोर कहा है इसके बारे में आजतक कोई पता नहीं चला.

यहां के स्थानीय निवासी बताते हैं कि इस शिवलिंग की जड़ तक कोई नहीं पहुंच पाया. शिवलिंग कितनी गहराई से जमीन से जुड़ा हुआ है, इसका पता लगाने के लिए इसकी खुदाई का काम कई दिनों तक चला मगर लोग इसके अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाए और जिसके बाद खुदाई का काम रोक दिया गया.

भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं अचलेश्वर महादेव के शिव

अचलेश्वर महादेव मंदिर में लोगों की काफी श्रद्धा है. लोगों का कहना है कि शिवलिंग के दर्शन करने से इंसान की सभी इच्‍छाएं पूर्ण होती है और जीवन की सभी तकलीफ दूर हो जाती हैं.

मनचाहे जीवन साथी के लिए करते हैं कामना

लोगों की श्रद्धा का आलम ये हैं कि यहां आने वाले भक्ति का मनचाहे जावन साथी की कामना करते हैं. कहा जाता है कि अगर कोई अविवाहित मन में मुराद लेकर इस शिवलिंग के दर्शन कर ले तो उनकी जीवनसाथी पाने की कामना पूर्ण हो जाती है.

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First published: 16 August 2018, 17:14 IST
 
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