Home » धर्म » Navratri 2018 : Fifth Day Of Navratra Worship Of Skandmata Know Puja Vidhi And Mantra
 

Navratri 2018 : पढ़ाई में सफलता और संतान प्राप्ति के लिए करें स्कंदमाता की आराधना

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 October 2018, 10:44 IST

आज शारदीय नवरात्र का पांचवां दिन है. देवी भाग्वत् पुराण में बताया गया है कि नवरात्र के पांचवें दिन देवी के पांचवें स्वरूप स्‍कंदमाता की पूजा करनी चाहिए. मां स्कंदमाता भक्तों की समस्त इच्छाओं की पूर्ति करती हैं. भगवान स्कंद की माता होने के कारण मां दुर्गा के इन स्वरूप को स्कंदमाता नाम से जाना जाता है. मां कमल के आसन पर विराजमान हैं. मां को पद्मासना विद्यावाहिनी दुर्गा भी कहा जाता है.

ये देवी विद्यादायिनी, प्रेम और वात्‍सल्‍य की देवी हैं. ऐसी मान्‍यता है कि विद्यार्थियों की मनोकामना और दंपति को संतान प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण करने के लिए इस दिन सच्‍चे मन से मां के इस स्वरूप की आराधना करनी चाहिए. इससे उनकी मुराद पूरी होती है. देवी के इस स्वरूप में भगवान स्‍कंद बालरूप में माता की गोद में विराजमान हैं. माता के इस स्‍वरूप की 4 भुजाएं हैं. शुभ्र वर्ण वाली मां कमल के पुष्‍प पर विराजित हैं.

 

इसी कारण इन्‍हें पद्मासना और विद्यावाहिनी दुर्गा देवी भी कहा जाता है. इनका वाहन सिंह है. स्‍कंदमाता को सौरमंडल की अधिष्‍ठात्री देवी माना जाता है. एकाग्रता से मन को पवित्र करके मां की आराधना करने से व्‍यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है. ऐसे करें माता की पूजा कुश अथवा कंबल के पवित्र आसन पर बैठकर पूजा करनी चाहिए. पौराणिक तथ्‍यों के अनुसार, स्‍‍कंदमाता ही हिमालय की पुत्री पार्वती हैं, जिन्‍हें माहेश्‍वरी और गौरी के नाम से भी जाना जाता है.

स्‍कंदमाता का मंत्र

सिंहासना गता नित्यं पद्माश्रि तकरद्वया।

शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी ||

या देवी सर्वभू‍तेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। 

 

माता का भोग और भेंट

स्‍कंदमाता को भोग स्‍वरूप केला अर्पित करना चाहिए. मां को पीली वस्‍तुएं प्रिय होती हैं, इसलिए केसर डालकर खीर बनाएं और उसका भी भोग लगा सकते हैं. नवरात्र के पांचवें दिन लाल वस्‍त्र में सुहाग की सभी सामग्री लाल फूल और अक्षत के समेत मां को अर्पित करने से महिलाओं को सौभाग्‍य और संतान की प्राप्ति होती है. जो भक्त देवी स्कंद माता का भक्ति-भाव से पूजन करते हैं उसे देवी की कृपा प्राप्त होती है. देवी की कृपा से भक्त की मुराद पूरी होती है और घर में सुख, शांति एवं समृद्धि रहती है.

ये भी पढ़ें- Navratri 2018 : ऐसे करें मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना, हर कामना होगी पूरी

First published: 13 October 2018, 10:44 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी