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Navratri 2018 : कन्या पूजन में एक लड़के को जरूर करें शामिल, ये है वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 October 2018, 14:30 IST

हिंदू धर्म में कन्याओं को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है. नवरात्रि के दिनों में सप्‍तमी तिथि से कन्‍या पूजन शुरू हो जाता है. इस दौरान मां के भक्त कन्‍याओं को घर बुलाकर उनकी आवभगत करते हैं. दुर्गाष्टमी और नवमी के दिन इन कन्याओं को नौ देवी का रूप मानकर इनका पूजन और स्वागत किया जाता है. लेकिन इस दौरान उनके साथ एक एक लड़के को बैठाया जाता है. साथ ही पूजन में नौ कन्याएं शामिल की जाती हैं.

हिंदू धर्म में नवरात्र पर्व के दौरान कन्या पूजन का बड़ा महत्व है. कन्याओं के साथ जो एक लड़का बैठता है उसे 'लंगुरा' या 'लांगुरिया' कहा जाता है. जिस तरह कन्याओं की पूजी की जाती है ठीक वैसे ही लड़के यानी 'लंगुरा' की भी पूजा की जाती है.

कन्या पूजन में 'लंगुरा' को बैठाने की भी अपनी अलग कहानी है. ऐसा माना जाता है कि कन्याओं के साथ बैठा ये लंगुरा हनुमान का रूप होता है. इसीलिए कन्या पूजन में लड़के को बैठाया जाता है. ऐसा माना जाता है कि वैष्णों देवी के दर्शन के बाद भैरो के दर्शन करने से ही दर्शन पूरे माने जाते हैं, ठीक उसकी तरह कन्‍या पूजन के दौरान के लंगुरा को कन्याओं के साथ बैठाने पर ही ये पूजा सफल मानी जाती है.

कैसे करें कन्या की पूजा

कन्‍या भोज और पूजन के लिए कन्‍याओं को एक दिन पहले ही आमंत्रित कर दिया जाता है. मुख्य कन्या पूजन के दिन आस पड़ोस की कन्याओं को घर बुलाना चाहिए. गृह प्रवेश पर कन्याओं का पूरे परिवार के साथ पुष्प वर्षा से स्वागत करना चाहिए. नव दुर्गा के सभी नौ नामों के जयकारे लगाना चाहिए.

 

उसके बाद इन कन्याओं को आरामदायक और स्वच्छ जगह बिठाकर सभी के पैरों को दूध से भरे थाल या थाली में रखकर अपने हाथों से उनके पैर धोने चाहिए और पैर छूकर आशीष लेना चाहिए. उसके बाद माथे पर अक्षत, फूल और कुमकुम लगाना चाहिए. उसके बाद मां भगवती का ध्यान करके इन देवी रूपी कन्याओं को इच्छा अनुसार भोजन कराना चाहिए. भोजन के बाद कन्याओं को अपने सामर्थ्‍य के अनुसार दक्षिणा, उपहार देकर उनके पैर छूकर उन्हें विदाई देनी चाहिए.

बता दें कि कन्या पूजन में शामिल होने वाली कन्याओं की उम्र दो साल से लेकर दस साल के बीच होनी चाहिए. साथ ही इन कन्याओं की संख्या कम से कम 9 होनी चाहिए. इन सब के साथ एक बालक का होना भी आवश्यक है. बता दें कि अगर कन्या पूजन में आप 9 से अधिक कन्याओं को भी बैठा सकते हैं.

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First published: 14 October 2018, 14:14 IST
 
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