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सावन का पहला सोमवार आज, ऐसे करें भोले की आराधना, हर मनोकामना होगी पूरी

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 July 2018, 10:02 IST

सावन महीने का शुभारम्भ हो चुका है और आज इस महीने का पहला सोमवार है. भोले के भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और मंदिरों में शिव का जलाभिषेक कर पूजा अर्चना करते हैं.सावन के महीने में शिव की आराधना करना शुभ फल देने वाला माना जाता है. यही नहीं पूरे सावन माह को जप, तप और ध्यान के लिए अच्छा माना जाता है.

जिसेमें सोमवार का विशेष महत्व है.हिंदू धर्म में सोमवार का दिन चन्द्र ग्रह का दिन माना जाता है. जिस पर भगवान शिव का नियंत्रण माना जाता है. इसलिए इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से शिव के साथ-साथ चंद्रमा की भी कृपा मिलती है. सावन की महीने से हर सोमवार को भगवान शिव का वृत और आराधना करने वाले को स्वास्थ्य समस्या, विवाह की मुश्किल या दरिद्रता से मुक्ति मिल जाती है.

ऐसा माना जाता है कि अगर सावन के सोमवार को भगवान शिव की विधि पूर्वक आराधना की जाए तो इन सभी परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है. कहा जाता है कि सोमवार और शिव जी के सम्बन्ध के कारण ही मां पार्वती ने सोलह सोमवार का उपवास रखा था. सावन का सोमवार विवाह और संतान की समस्याओं के लिए अचूक माना जाता है.

ये हैं सावन के सोमवार के व्रत के महत्व

सावन के सोमवार को भगवान शिव का व्रत रखने और पूजा अर्चना करने से वैवाहिक जीवन में सुख शांति बनी रहती है. वहीं कुंडली में विवाह का योग न होने या विवाह होने में अड़चनें आ रही हो तो सावन के सोमवार को व्रत करना चाहिए. वहीं कुंडली में आयु या स्वास्थ्य बाधा हो या मानसिक स्थितियों की समस्या हो तब भी सावन के सोमवार का व्रत श्रेष्ठ परिणाम देने वाला होता है.

सोमवार के व्रत का संकल्प सावन माह में लेना सबसे उत्तम होता है , इसके अलावा इसको अन्य महीनों में भी किया जा सकता है. इसमें मुख्य रूप से शिव लिंग की पूजा होती है और उस पर जल तथा बेल पत्र अर्पित किया जाता है.

इस साल सावन का सोमवार सौभाग्य योग और शतभिषा नक्षत्र में पड़ेगा. शतभिषा नक्षत्र में सौ तारे माने जाते हैं. ऐसा माना जाता है कि इस नक्षत्र में की गई उपासना से तारे सितारे बेहतर हो जाते हैं. इसके अलावा वैद्यों से इसका सम्बन्ध होने के कारण हर तरह के रोग से निजात मिलती है. शतभिषा नक्षत्र में सावन का पहला सोमवार आकस्मिक बाधाओं से मुक्ति भी दिलाता है.

कैसे करें सावन के सोमवार में पूजा

प्रातः काल स्नान करने के बाद शिव मंदिर जाना चाहिए. इसके लिए घर से नंगे पैर जाना उचित माना जाता है. साथ ही इसके लिए घर से ही लोटे में जल भरकर ले जाना उचित माना जाता है. मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल अर्पित करें और भगवान को साष्टांग करें. साथ ही मंदिर में खड़े होकर शिव मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए.

कैसे करें सावन के सोमवार को व्रत

शाम के समय भगवान के मन्त्रों का दोबारा जाप करें और आरती करें. पूजा की समाप्ति पर केवल जलीय आहार ग्रहण करें. वहीं अगले दिन पहले अन्न वस्त्र का दान करें तब जाकर व्रत का पारायण करें.

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First published: 30 July 2018, 10:02 IST
 
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