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पितृ पक्ष 2018: जानिए कब शुरू होगा पितृपक्ष, क्यों किया जाता है श्राद्ध

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 September 2018, 11:49 IST

भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक के 15 दिन पितरों के कहे जाते हैं. इन दिनों में पितरों को याद कर उनके श्राद्ध कर्म किए जाते हैं. श्राद्ध को पितृपक्ष और कहीं-कहीं महालय के नाम से भी जाना जाता है. इस साल पितृपक्ष 24 सितंबर से शुरु होकर 8 अक्टूबर तक रहेगा. शास्त्रों में ऐसी मान्यता है पितृपक्ष के दिनों में हमारे पूर्वज जिनका देहान्त हो चुका है वे सभी पृथ्वी पर सूक्ष्म रूप में आते हैं और पृथ्वी लोक पर जीवित रहने वाले अपने परिजनों के तर्पण को स्वीकार करते हैं. इसीलिए इन दिनों में हर व्यक्ति अपने पितरों को श्राद्ध देता है.

क्या होता है श्राद्ध?

श्राद्ध का मतलब श्रद्धा पूर्वक अपने पितरों को प्रसन्न करना. हिंदू शास्त्रों के अनुसार जिस किसी के परिजन अब इस संसार से विदा हो गए, उनकी तृप्ति और उन्नति के लिए श्रद्धा के साथ जो शुभ संकल्प और तर्पण किया जाता है, उसे श्राद्ध कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि मृत्यु के देवता यमराज श्राद्ध पक्ष में जीव को मुक्त कर देते हैं, ताकि वे स्वजनों के यहां जाकर तर्पण ग्रहण कर सकें.

कौन कहलाते हैं पितर

जिस किसी के परिजन चाहे वह विवाहित हो या अविवाहित हों, बच्चा हो या बुजुर्ग, स्त्री हो या पुरुष उनकी मृत्यु हो चुकी है उन्हें पितर कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि पितृपक्ष में मृत्युलोक से पितर पृथ्वी पर आते है और अपने परिवार के लोगों को आशीर्वाद देते हैं. पितृपक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए उनको तर्पण किया जाता है. पितरों के प्रसन्न होने पर घर पर सुख शान्ति आती है.

यहां जानिए किस तिथि को है कौन सा श्राद्ध

24 सितंबर 2018 पूर्णिमा श्राद्ध होगा, वहीं 25 सितंबर को प्रतिपदा श्राद्ध किया जाएगा. उसके बाद 26 सितंबर को द्वितीय श्राद्ध दिया जाएगा. 27 सितंबर को तृतिया श्राद्ध, 28 सितंबर को चतुर्थी श्राद्ध, 29 को पंचमी श्राद्ध, 30 को षष्ठी श्राद्ध दिया जाएगा. उसके बाद 1 अक्टूबर 2018 को सप्तमी श्राद्ध होगा.

ऐसे ही 2 तारीख को अष्टमी श्राद्ध, तीन अक्टूबर को नवमी श्राद्ध, 4 को दशमी श्राद्ध, पांच अक्टूबर को एकादशी श्राद्ध, 6 को द्वादशी श्राद्ध, 7 अक्टूबर को त्रयोदशी और चतुर्दशी श्राद्ध दिया जाएगा. उसके बाद 8 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के बाद पितृपक्ष की समाप्ति हो जाएगी.

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First published: 17 September 2018, 11:49 IST
 
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