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Raksha Bandhan 2018: क्या पतियों को भी रक्षाबंधन पर पत्नी से बांधवानी चाहिए राखी

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 August 2018, 10:28 IST


हर साल रक्षाबंधन का त्योहार पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. इस साल ये त्योहार 26 अगस्त मनाया जा रहा है. आमतौर पर रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहनों के बीच स्नेह का प्रतीक माना जाता है. लेकिन आप को जानकर हैरानी होगी कि ये त्योहार सिर्फ भाई-बहनों के बीच स्नेह का ही नहीं है बल्कि पति-पत्नी के संबंध और उनके सुहाग से भी जुड़ा हुआ है. शायद आप भी इस बात तो सुनकर हैरान हो गये हैं, तो आज हम आप को बताएंगे, ऐसा किस वजह से है.

भविष्यपुराण में इस इस संदर्भ में एक हैरान करने वाली कथा का उल्लेख है. सतयुग में वृत्रासुर नाम का एक असुर हुआ जिसने देवताओं के पराजित करके स्वर्ग पर कब्जा कर लिया था. इसे वरदान था कि उस पर उस समय तक बने किसी भी अस्त्र-शस्त्र का कोई भी असर नहीं होगा. जिस वजह से देवाताओं को हार को सामना करना पड़ रहा था.जिसके बाद देवताओं के आग्रह करने पर महर्षि दधिचि ने अपना शरीर त्याग दिया था और उनकी हड्डियों से इंद्र ने अस्त्र-शस्त्र बनाए थे.

देवराज इंद्र इस अस्त्र को लेकर युद्ध के लिए जाने से पहले वो गुरु बृहस्पति से मिले और कहा, 'मैं वृत्रासुर से अंतिम बार अंतिम बार युद्ध करने जा रहा हूं. इस युद्ध में या तो मैं विजयी होऊंगा या फिर वीरगति को प्राप्त होकर ही लौटूंगा. उनकी इस बात को सुनकर उनकी पत्नी उनकी शची अपने पति की बातों को सुनकर चिंतित हो गई और उन्होने एक रक्षासूत्र देवराज इंद्र की कलाई में बांध दिया.जिसके बाद इस युद्ध इंद्र ने जीत हासिल की.' इससे साफ है कि पति और सुहाग की रक्षा के लिए श्रावण पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन रक्षासूत्र बांध सकती हैं. आप को बता दें कि परंपरा के अनुसार पुरोहित भी रक्षासूत्र बांधते हैं

First published: 24 August 2018, 10:28 IST
 
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