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Surya Grahan 2020: कल आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा, 38 साल बाद बना ऐसा संयोग

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 June 2020, 15:10 IST

Solar Eclipse 2020: कल यानी रविवार (Sunday) को आपको आसमान में अद्भुत नजारा (Amazing View) दिखाई देगा, क्योंकि कल साल का तीसरा ग्रहण (Third eclipse) और पहला सूर्य ग्रहण (First Solar Eclipse) लगने जा रहा है. यह खगास सूर्य ग्रहण (Full Solar Eclipse) होगा. वैसे तो सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) एक खगोलीय घटना है, लेकिन धार्मिक लोगों के लिए ग्रहण किसी आपदा या शुभ संकेतों जैसे होता है. कल लगने वाले ग्रहण में (Eclipse) सूर्य पूरी तरह से चंद्रमा की छाया से ढंक जाएगा इस दौरान सूर्य केवल किसी अंगूठी (Ring) की तरह दिखाई देगा.

यानी आसमान में आपको सूर्य सिर्फ एक गोल घेरे के रूप में नजर आएगा. ऐसा संयोग 38 साल बाद हो रहा है. जब आसमान में सूरज पूरी तरह से चंद्रमा की छाया से ढंक जाएगा. इस सूर्य ग्रहण को भारत के विभिन्न इलाकों में आसानी से देखा जा सकेगा. साथ ही एशिया महाद्वीप के अन्य देशों में भी इसे देखा जा सकेगा. हालांकि उत्तरी अमेरिका अमेरिका में इस सूर्य ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा. क्योंकि जब सूर्य ग्रहण होगा उस दौरान वहां रात होगी.


धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, रविवार को लगने जा रहे सूर्यग्रहण (Solar Eclipse) के बाद प्राकृतिक आपदा, महामारी जैसे परेशानियां देने वाली घटनाओं में कमी आएगी. इसका मतलब ये हुआ कि इस सूर्य ग्रहण के बाद कोरोना का संकट (Coronavirus Crisis) भी अब चरम पर पहुंचने के बाद दूर होने लगेगा. इस तरह के दावे ज्योतिषाचार्य और ज्योतिष के जानकार कर रहे हैं. हालांकि एमिटी यूनिवर्सिटी गुड़गांव में डिपार्टमेंट ऑफ एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रफेसर मनीष कुमार भारती का कहना है कि साल 1982 के बाद ये पहला मौका है जब चक्राकार सूर्य ग्रहण और ग्रीष्म संक्रांति एक ही दिन पर पड़ेंगी. अगली बार ऐसा अवसर 21 जून, 2039 को होगा.

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भारतीय समयानुसार ये सूर्य ग्रहण रविवार की सुबह 9:16 बजे से शुरू होकर दिन में 3:04 तक रहेगा. इस सूर्य ग्रहण की अवधि लगभग 6 घंटे की रहेगी. दोपहर 12:10 पर ये ग्रहण अपने शिखर पर होगा, यानी ये ग्रहण अपने पूर्ण प्रभाव में होगा. जहां चन्द्रमा सूर्य के लगभग 99 प्रतिशत भाग को ढक लेगा. हालांकि ये सिर्फ कुछ ही सेकंड के लिए होगा. इस सूर्य ग्रहण को नग्न आंखों से देखना हानिकारक होगा. क्योंकि जब पूरे सूर्य की रोशनी केवल उसके एक प्रतिशत भाग से होकर जमीन पर पड़ेगी उस दौरान ये बहुत तेज चमक के साथ होगा.

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इसलिए बिना पूरी सुरक्षा अपनाए सूर्य ग्रहण को सीधे न देखें. सूर्य ग्रहण को सीधे देखने के लिए केवल अंतरराष्ट्रीय आईएसओ 12312-2 मानक वाले चश्मों का ही प्रयोग करें. सूर्य से निकलने वाली यूवी किरणों से आपकी आंखों की रोशनी स्थायी रूप से जा सकती है. कुछ लोग इस सूर्य ग्रहण को माया कैलेंडर से जोड़कर इस दिन को दुनिया का अंतिम दिन बता रहे हैं. माया सभ्यता के कैलेंडर के मुताबिक, दुनिया 21 दिसंबर 2012 को खत्म होनी थी. अब 21 जून 2020 को वही दिन होने की अफवाहें उड़ाई जा रही हैं, जिन्हें नासा ने पूरे तरीके से खारिज किया है.

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ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, ये ग्रहण आषाढ़ कृष्ण अमावस्या रविवार 21 को मृगशिरा नक्षत्र व मिथुन राशि में यह खंडग्रास कंकण सूर्य ग्रहण के रूप में लग रहा है. यह चूड़ामणि योग में लग रहा है. ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले ही 20 जून शनिवार रात 9:16 से प्रारंभ हो जाएगा. सूर्य ग्रहण शुरू होने के समय ही स्नानादि, संकल्प व जप करने के साथ मध्यकाल में हवन पूजन व पाठ करना शुभ माना जाता है. ग्रहण की समाप्ति पर स्नान करके दान पुण्य करें. इसके अलावा सूर्य ग्रहण के समय सूर्य उपासना, हृदय स्त्रोत और सूर्य स्त्रोत आदि का पाठ करना चाहिए.

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First published: 20 June 2020, 15:10 IST
 
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