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Solar Eclipse 2020: छह महीने बाद लग रहा है सबसे लंबा सूर्य ग्रहण, इस साल इतने लगेंगे ग्रहण

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 June 2020, 14:13 IST

Surya Grahan 2020: 21 जून (21st June) को साल का सबसे बड़ा ग्रहण (Eclipse) लगने जा रहा है. ये सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) होगा. जो सुबह सवा नौ बजे शुरु होकर दोपहर बाद तीन बजकर 4 मिनट तक रहेगा. इस साल का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण छह महीने बाद लग रहा है. इससे पहले 26 दिसंबर 2019 को सबसे लंबा सूर्य ग्रहण लगा था. सूर्य ग्रहण का व्यापक असर भारत के साथ पूरी दुनिया में देखा जा सकेगा. ज्योतिषाचार्यों का का मानना है कि साल 2019 के ग्रहण से कोरोना महामारी का विस्तार हुआ और 2020 के ग्रहण से कोरोना समाप्त हो जाएगा.

बता दें कि रविवार को होना वाले ग्रहण के दौरान सूर्य एक चमकीले छल्ले के समान दिखाई देगा. यह कंकण सूर्य ग्रहण सुबह 9 बजकर 15 मिनट 58 सेकंड पर शुरू हो और दोपहर 3 बजकर 4 मिनट 1 सेकंड पर समाप्त हो जाएगा. इस तरह से ये सूर्य ग्रहण कुल 5 घंटे 48 मिनट और 3 सेकंड के लिए होगा. लेकिन इस सूर्यग्रहण का आरंभ और समापन का समय भारत के अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग हो सकता है.


बता दें कि कंकण सूर्यग्रहण का नजारा भारत के साथ दुनिया भर के देशों में देखा जा सकेगा. यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा की छाया से सूर्य का 99 फीसदी भाग ढक जाएगा. वैज्ञानिक दृष्टि से सूर्यग्रहण एक खगोलीय घटना है जिसमें पृथ्‍वी और सूर्य के बीच में चंद्रमा आ जाता है. इससे सूर्य की आंशिक या पूर्ण रोशनी धरती पर नहीं आ पाती है. इसी खगोलीय घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है.

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जब सूर्य का कुछ हिस्सा ही ग्रहण के दौरान ढक जाता है तो उसे आंशिक या खंडग्रास ग्रहण कहा जाता है. वहीं जब सूर्य पूरी तरह ढक जाता है और रोशनी चारों ओर से एक कंगन की तरह दिखने लगती है तो उसे कंकण सूर्यग्रहण या खग्रास कहते हैं. बता दें कि ये घटना हमेशा अमावस्या के दिन ही होती है. जबकि चंद्रग्रहण हमेशा पूर्णिमा तिथि को लगता है.

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बता दें कि इस साल भारत में दिखने वाला एक मात्र सूर्य ग्रहण कंकण सूर्यग्रहण होगा, लेकिन पूरे देश में यह ग्रहण खग्रास के रूप में दिखाई नहीं देगा. कुछ स्थानों पर इसे खंडग्रास ग्रहण के रूप में देखा जा सकेगा. इस सूर्य ग्रहण को भारत में मसूरी, टोहान, चमोली, कुरुक्षेत्र, देहरादून में यह ग्रहण कंकण रूप में नजर आएगा. जबकि कई नगरों में ग्रहण का प्रतिशत अलग-अलग होगा और खंडग्रास के रूप में दिखेगा. देश की राजधानी दिल्ली में ग्रहण के दौरान सूर्य का 95 प्रतिशत हिस्सा कटा हुआ दिखाई देगा.

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कब होगा अलगा सूर्य ग्रहण

इस के बाद अगला सूर्य ग्रहण 14-15 दिसंबर को शाम सात बजकर 3 मिनट से अगले दिन रात 12 बजकर 23 मिनट के दौरान लगेगा. इस सूर्य ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकेगा. क्योंकि जब ये सूर्य ग्रहण होगा उस वक्त भारत में रात होगी. हालांकि इस सूर्य ग्रहण को यूरोप के सभी देशों के साथ-साथ अफ्रीका महाद्वीप और अमेरिका में देखा जा सकेगा. साथ ही अर्जेंटीना, दक्षिण-पश्चिम अफ्रीका के साथ अंटार्कटिका में ये सूर्य ग्रहण साफ नजर आएगा.

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बता दें कि इस साल कुछ छह ग्रहण लगेंगे. जिनमें चार चंद्र तो दो सूर्य ग्रहण हैं. दो चंद्र ग्रहण पहले ही लग चुके हैं. जिसमें पहला चंद्र ग्रहण 10 जनवरी की रात को लगा था और दूसरा 5 जून को लगा था. अब तीसरा चंद्र ग्रहण और चौथा ग्रहण पांच जुलाई को लगेगा. उसके बाद साल का आखिरी चंद्र ग्रहण और पांचवां ग्रहण 30 नवंबर को दोपहर एक बजकर 2 मिनट से शाम 5 बजकर 23 मिनट तक लगेगा. जिसे यूरोप के कई देशों में देखा जा सकेगा. हालांकि भारत में ग्रहण देखने के शौकीनों को निराशा हाथ लगेगी. क्योंकि दिन होने की वजह से ये ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. हालांकि पूरी एशिया में इसे देखा जा सकेगा. साथ ही अमेरिका, अटलांटिक महासागर, प्रशांत महासागर में भी इस चंद्र ग्रहण को देखा जा सकेगा.

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First published: 17 June 2020, 14:13 IST
 
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