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Solar Eclipse 2020: इस दिन लगेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, इन स्थानों पर देगा दिखाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 December 2020, 14:17 IST

Solar Eclipse 2020: इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 14 दिसंबर को लगने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, साल का अंतिम सूर्य ग्रहण को बेहद महत्वपूर्ण माना जा है. ज्योतिषाचार्यो के मुताबिक, 14 दिसंबर को लगने वाले सूर्य ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ने वाला है. सोमवार 14 दिसंबर 2020 को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार शाम 07 बजकर 03 मिनट से शुरू होगा. इस सूर्य ग्रहण की समाप्ति 14 दिसंबर को मध्यरात्रि उपरान्त यानि 15 दिसंबर 2020 की 12 बजकर 23 मिनट पर होगी. पंचांग के अनुसार सूर्यग्रहण लगभग पांच घंटे तक रहेगा.

शाम में लगने के कारण यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. हालांकि इस सूर्य ग्रहण का असर राशियों पर जरूर पड़ेगा. बता दें कि इस साल यानी साल 2020 में कुल 6 ग्रहण लगे थे. जिनमें चार चंद्र ग्रहण और दो सूर्य ग्रहण शामिल हैं. इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को लग चुका है. वहीं इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को दिखाई दिया था.


इन देशों में दिखाई देगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण

इस साल कुल 06 ग्रहण लगे थे, जिनमें दो सूर्य और चार चंद्र ग्रहण शामिल थे. साल का पहला ग्रहण और चंद्र ग्रहण 10 जनवरी की रात को लगा था. उसके बाद पांच जून को साल का दूसरा ग्रहण और चंद्र ग्रहण हुआ था. उसके बाद 21 जून को इस साल का पहला सूर्य ग्रहण और तीसरा ग्रहण लगा था उसके बाद अगस्त में ग्रहण लगा था. उसके बाद 30 नवंबर को साल का पांचवां ग्रहण लगा. अब 14 दिसंबर को साल का आखिरी ग्रहण और दूसरा सूर्य ग्रहण लगेगा. ये सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. क्योंकि जिस वक्त सूर्य ग्रहण होगा उस वक्त भारत में रात हो चुकी होगी. वहीं दक्षिण अमेरिका, साउथ अफ्रीका और प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में इस सूर्य ग्रहण को देखा जा सकेगा. 14-15 दिसंबर को लगने वाला यह ग्रहण खंडग्रास सूर्यग्रहण होगा.

कब होगा सूतक काल

बता दें कि सूर्य ग्रहण में सूतक काल 12 घंटे पहले शुरु हो जाता है. सूतक काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए. सूर्य ग्रहण के दौरान छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इस सूतक काल में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. सूतक काल में भगवान का स्मरण करना चाहिए. क्योंकि सूतक का अर्थ खराब समय होता है. सूतक काल में प्रकृति ज्यादा संवेदनशील रहती है. इस स्थिति में अनहोनी के होने की संभावना अधिक रहती है. इसलिए ज्योतिष के जानकार इस दौरान किसी भी शुभ कार्य को करने की अनुमति नहीं देते.

First published: 3 December 2020, 22:30 IST
 
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