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रियो ओलंपिक 2016: बेटे का मैच देखने के लिए मां-बाप के पास नहीं है पैसे

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 July 2016, 16:40 IST

रियो ओलंपिक 2016 में जूडो खेल में भारत की ओर से सिर्फ जुडोका अवतार सिंह ने क्वालीफाई किया है. पंजाब के गुरुदासपुर के रहने वाले 24 वर्षीय अवतार 90 किग्रा भार वर्ग में अपनी चुनौती पेश करेंगे. उनके गरीब माता-पिता की हसरत है कि वो अपने बेटे का खेल देखने के लिए ब्राजील के शहर रियो डि जेनेरियो जाए.

अवतार ने महाद्वीपीय कोटा के तहत ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया. वह अभी पंजाब पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं. उनके पिता गुरुदासपुर के स्थानीय अस्पताल में काम करते हैं और उनकी मां एक घरेलू महिला हैं.

परिवार की कम आय के बावजूद अवतार के माता-पिता ने उनके ट्रेनिंग के लिए हरसंभव खर्चा उठाया है. वित्तीय दिक्कतों के चलते अवतार पिछले साल केवल छह टूर्नामेंट में हिस्सा ले सके थे. अप्रैल महीने में वह सैमसन ग्रैंड प्रिक्स के लिए तुर्की में पिता के पैसे से ही गए थे. इसके लिए उनके परिवार ने एफडी तुड़वाई थी.

अपने माता-पिता के साथ अवतार सिंह.

अवतार के पिता शिंगारा सिंह ने बताया, “मेरी आय बहुत कम है और अवतार की ट्रेनिंग के लिए भी मेरे पास पैसे नहीं होते थे. मैं अपने बेटे का सपना पूरा करने में असहाय महसूस करता हूं. हमलोगों ने उसे मैदान पर नहीं सिर्फ टेलीविजन पर खेलते देखा है.”

अब मिलाप.ओआरजी ने मदर डेयरी और ग्रीन बीच के साथ मिलकर अवतार के मां-बाप को रियो भेजने का बीड़ा उठाया है. उन्हें इसके लिए आठ लाख रुपए जुटाने हैं. इस राशि से अवतार के माता-पिता ओलंपिक में पहली बार अपने बेटे को सामने खेलते हुए देख पाएंगे. जुटाए गए पैसे से अवतार के माता-पिता का रियो का विमान किराया, होटल का खर्चा, वीजा शुल्क और दैनिक खर्चे शामिल हैं. यह राशि 31 जुलाई तक जुटाई जाएगी.

अवतार ने इस साल फरवरी में शिलांग में दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था. उन्होंने सीनियर राष्ट्रीय जूडो चैंपियनशिप 2013-14 और 2014-15 में भी स्वर्ण पदक जीते. अप्रैल में उज्बेकिस्तान में एशियाई जूडो चैंपियनशिप में अवतार पांचवें स्थान पर रहे थे.

First published: 20 July 2016, 16:40 IST
 
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