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रियो की उम्मीदें: लगातार सातवें ओलंपिक का हिस्सा होंगे लिएंडर पेस

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 July 2016, 14:39 IST
QUICK PILL
नाम- लिएंडर पेसखेल-टेनिसउम्र- 43 साल

पिछले महीने अपना 43वां जन्मदिन मनाने वाले भारतीय टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस लगातार सातवीं बार ओलंपिक में हिस्सा ले रहे हैं. 25 साल पहले टेनिस का सफर शुरू करने वाले पेस भारतीय दल के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं. शानदार फॉर्म में चल रहे पेस से मेन्स डबल्स टेनिस में देश पदक जीतने की उम्मीद कर रहा है. पेस ने भारतीय खिलाड़ी रोहन बोपन्ना के साथ जोड़ी बनाई है.

पिछले महीने ही पेस ने फ्रेंच ओपन का खिताब जीतकर अपने नाम 18वां ग्रैंड स्लैम किया है. इस उम्र में भी पेस किसी युवा खिलाड़ी से कम फुर्तीले नहीं है. इस साल उन्होंने फ्रेंच ओपन में मिली जीत के साथ ही अपने जोड़ीदार मार्टिना हिंगिस के साथ ही करियर स्लैम पूरा किया. पेस और हिंगिस ने पिछले साल विंबलडन और अमेरिकी ओपन के अलावा इस साल के शुरू में ऑस्ट्रेलियाई ओपन का खिताब भी जीता था.

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पेस ने मेन्स डबल्स में आठ खिताब जीते हैं, जबकि मिक्स्ड डबल्स में दस. इसके अलावा अटलांटा ओलंपिक (1996) में वे सिंगल्स में कांस्य पदक विजेता रह चुके हैं. टेनिस में ओलंपिक पदक जीतने वाले पेस एक मात्र भारतीय खिलाड़ी है.

पिता के कहने पर टेनिस खेलना शुरू किया

पेस का जन्म कोलकाता में 17 जून, 1973 को हुआ. उनके पिता वेस पेस अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी थे और मां जेनिफर पेस बास्केटबॉल खिलाड़ी रही हैं. लिएंडर का रुझान बचपन में फुटबॉल की तरफ था, लेकिन पिता के कहने पर लिएंडर ने टेनिस खेलना शुरू किया. 12 साल की उम्र में पेस ने मद्रास के ब्रिटानिया अमृतराज टेनिस अकादमी में कोच देव ओमेरिया से टेनिस के गुर सीखे.

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पेस जूनियर अमेरिकी ओपन और जूनियर विंबलडन का खिताब भी जीत चुके हैं. वे 1991 में एक प्रोफेशनल टेनिस खिलाड़ी के रूप में सामने आए. हालांकि, पेस सिंगल्स मुकाबलों में सफल नहीं हो पाए लेकिन डबल्स में उनके नाम कई कीर्तिमान दर्ज है.

44 साल का सूखा समाप्त किया

पेस के ओलंपिक अभियान की शुरुआत 1992 में बार्सिलोना में हुई थी. 1996 के अटलांटा ओलंपिक में भारत व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा में पदक जीतने में कामयाब रहा. वाइल्ड कार्ड के जरिए ओलंपिक में प्रवेश पाने वाले टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने कांस्य पदक जीतकर सालों का सूखा समाप्त किया.

उनसे पहले 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में केडी जाधव ने फ्री स्टाइल कुश्ती में कांस्य पदक हासिल किया था.

स्वतंत्र भारत में व्यक्तिगत तौर पर ओलंपिक में पदक जीतने वाले जाधव पहले खिलाड़ी थे.

महेश भूपति के साथ हिट जोड़ी

ओलंपिक पदक जीतने के बाद पेस ने भारतीय खिलाड़ी महेश भूपति के साथ जोड़ी बनाई. पेस-भूपति की जोड़ी ने भारत के लिए कई सफलताएं अर्जित की. पेस-भूपति की जोड़ी ने तीन ग्रैंड स्लैम खिताब जीते और दो बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में जगह बनाई. हालांकि, ये सफल जोड़ी व्यक्तिगत विवादों के चलते अलग हो गई. पेस ने अपने करियर में 100 से ज्यादा खिलाड़ियों के साथ जोड़ी बनाई है.

देश के तीसरे सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित

पेस को टेनिस में अपने योगदान के लिए 1996 में राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड दिया गया. 2001 में उन्हें पद्म श्री अवॉर्ड मिला. पेस को 2014 में देश के तीसरे सबसे सर्वोच्च सम्मान पद्म भूषण से नवाजा गया.

पेस को टेनिस का सचिन तेंदुलकर भी कहा जाता है. ओलंपिक और ग्रैंड स्लैम के अलावा पेस बुसान एशियाई खेल  (2002) और दोहा एशियाई खेल (2006) में एशियाई खेलों में भारत को स्वर्ण पदक दिला चुके हैं.

First published: 20 July 2016, 14:39 IST
 
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