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स्टार रोबोट सर्जरी: बदल सकता है सेहत का संसार

रंजन क्रास्टा | Updated on: 7 May 2016, 8:17 IST

दुनिया में पहली बार किसी रोबोट ने खुद से सॉफ्ट-टिश्यू सर्जरी किया. पूरी दुनिया इसकी चश्मदीद गवाह बनी.

इस रोबोट का नाम है स्मार्ट टिश्यू ऑटोनॉमस रोबोट(स्टार) ने किया. हालांकि इस रोबोट ने किसी इंसान का नहीं बल्कि एक सुअर का ऑपरेशन किया.

इस रोबोट की उपलब्धि को फिर भी कम करके नहीं देखा जा सकता. रोबोट ने सूअर की आंत के दो हिस्सों का ऑपरेशन करके जोड़ा.

स्टार ने चार सूअरों का ऑपरेशन किया. ऑपरेशन के बाद चारों सूअरों को स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या नहीं हुई.

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रोबोट पिछले चार दशकों से ऑपरेशन करते रहे हैं लेकिन दो कारणों से ये ऑपरेशन पहले से अलग है.

पहली बार कि एक रोबोट ने लगभग स्वचालित ऑपरेशन किया. डॉक्टरों ने इस ऑपरेशन की निगरानी तो की लेकिन उन्होंने रोबोट को निर्देश नहीं दिए.

दूसरी बड़ी बात ये है कि पहली बार किसी रोबोट ने सॉफ्ट-टिश्यू सर्जरी की है. पहले किसी रोबोट के लिए ऐसा करना लगभग असंभव माना जाता था.

पहली बार किसी रोबोट ने सॉफ्ट-टिश्यू सर्जरी की. स्टार नाक रोबोट ने किया सूअर का ऑपरेशन

सॉफ्ट-टिश्यू सर्जरी में सबसे बड़ी दिक्कत ऑपरेशन के दौरान सॉफ्ट-टिश्यू के बदलते रहने के कारण सर्जन को लगातार उससे सामंजस्य बैठाना पड़ता है.

चार साल के शोध के बाद स्टार को इसके लिए सॉफ्ट-टिश्यू में होने वाले बदलाव से सामंजस्य बैठाने के लिए तैयार किया गया.

स्टार को वाशिंगटन स्थित शेख जायद इंस्टीट्यूट फॉर पेडियाट्रिक सर्जिकल इनोवेशन में विकसित किया गया है.

स्टार को विकसित करने वाली टीम के प्रमुख डॉक्टर पीटर किम ने ऑपरेशन के बाद कहा, "स्टार की आंखों में जो तकनीकी प्रयोग की है वो सेना द्वारा रात में देखने के लिए प्रयोग किए जाने वाले इंफ्रारेड फ्लोरोसेंट लाइट जैसी है."

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इस तकनीकी के कारण ही स्टार सॉफ्ट-टिश्यू में होने वाले परिवर्तन को ठीक तरीके से देख पाता है. इसके अलावा इसमें एक विशेष एलगोरिदम का प्रयोग किया गया है जिससे स्टार सॉफ्ट-टिश्यू को थ्री-डाइमेंशन(त्रि-आयामी) में देख सकता है.

सर्जरी में केवल ऑपरेशन करना काफी नहीं होता. चिकित्सा क्षेत्र में सफल होने के लिए रोबोट को मानव सर्जन की हर स्तर पर बराबरी करनी होगी.

ओपेन हार्ट सर्जरी के मामले में स्टार रोबोट मानव सर्जन से सुस्त है

ओपेन हार्ट सर्जरी के मामले में स्टार मानव सर्जन से सुस्त साबित हुआ. सर्जन ने ओपेन हार्ट सर्जरी करने में आठ मिनट लिया जबकि स्टार ने 35 मिनट लिया.

स्टार को बनाने वाली टीम के अनुसार वो ज्यादा तेजी से भी ऑपरेशन कर सकता है लेकिन अचूकता के लिए उसकी रफ्तार को कम रखा गया है.

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डॉक्टर किम को यकीन है कि जल्द ही स्टार जैसे रोबोट बड़े पैमाने पर सॉफ्ट-टिश्यू ऑपरेशन करते नजर आएंगे. डॉक्टर किम कहते हैं कि इसके बाद मानव सर्जन ज्यादा जटिल सर्जरी पर ध्यान दे सकते हैं.

डॉक्टर किम की टीम अब स्टार को और अधिक विकसित करने में लगे हैं. उन्हें उम्मीद है करीब दो साल में स्टार रोबोट व्यावहारिक प्रयोग के लिए उपलब्ध हो जाएगा.

First published: 7 May 2016, 8:17 IST
 
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