Home » साइंस-टेक » Aircel files for bankruptcy due to financial problems, 5000 employees will be in troubles
 

एयरसेल यूज़र्स के लिए बुरी खबर, कंपनी ने दिवालिया होने के लिए दी अर्जी

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 March 2018, 10:15 IST

टेलीकॉम कमपनी एयरसेल बंद होने की कगार पर है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में दिवालिया होने की अर्जी दी है. इसके बाद कंपनी बोर्ड को भंग कर देगी. जिसके बाद दिवालिया घोषित होने पर एयरसेल कंपनी के तौर पर खत्म हो जाएगी.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी दिवालिया होने से बच सकती थी. मलेशिया की एक पेरेंट कंपनी मैक्सिस इसमें अपना पैसा लगाने वाली थी. लेकिन बाद में कंपनी ने अपने हाथ खींच लिए. गौरतलब है की कंपनी अपने कर्जदारों से सितंबर से 15,500 करोड़ रुपये के कर्ज को रिस्ट्रक्चर करने की बातचीत कर रही है, लेकिन कुछ हो नहीं पाया.

 

एयरसेल के बाद बाजार में एयरटेल, जियो, वोडाफोन, आइडिया और बीएसएनएल शेष रह जाएंगी. इस समय इन सभी कंपनियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा चल रही है.

यह भी पढ़ें- Reliance Big TV लाया धमाकेदार ऑफर, फ्री में देख सकेंगे टीवी चैनल

6 सर्कल्स में बंद हो चुकी है एयरसेल की सेवा

एयरसेल पिछले सितम्बर से बैंक का पैसा चुकाने में असमर्थ रही. इसी कारण कंपनी का कर्ज रिस्ट्रक्चर नहीं हो पाया. कंपनी को कर्ज देने वाले बैंकों की मंगलवार को बैठक है. कंपनी की आय की बात करें तो एयरसेल प्रति महीने 400 करोड़ कमाती है. एयरसेल ने हाल ही में 6 सर्कल्स अपनी सेवाएं भी बंद कर दी थी.

 

एयरसेल 4जी सर्विस भी शुरू कर सकती थी, लेकिन इसके लिए प्रमोटर्स से ताजे निवेश की आवश्‍यकता थी. हालांकि, एयरसेल ने अपने बयान में कहा है कि सीआईआरपी दाखिल करना परिसमापन के लिए की गई कार्यवाही नहीं है, जहां ऋणदाताओं ने दिवालियापन सुरक्षा के लिए एनसीएलटी में जाने की मांग की थी.

एयरसेल ने बयान में कहा है कि कॉरपोरेट देनदार (एयरसेल सेल्‍यूलर, डिशनेट वायरलेस और एयरसेल) के बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स ने तीन कंपनियों के लिए अंडरटेकिंग कॉरपोरेट इनसॉल्‍वेंसी रिजॉल्‍यूशन प्रोसेस (सीआईआरपी) के लिए इनसॉल्‍वेंसी एंड बैंकरप्‍सी कोड, 2016 की धारा 10 के तहत आवेदन दाखिल किया है.

 

5000 कर्मचारी मुश्किल में

कंपनी के बंद होने से जाहिर तौर से उसमें काम करने वाले लोगों पर गंभीर असर पड़ेगा. कंपनी के 5000 कर्मचारी इससे प्रभावित होंगे. केवल कर्मचारियों पर ही नहीं बल्कि वेंडर्स, पार्टनर, टॉवर ऑपरेटर जीटीएल इंफ्रा, भारती इंफ्राटेल, इंडस टॉलर और एटीसी पर भी इसका असर पड़ेगा. बहरहाल कंपनी बंद होने की कगार पर आ चुकी है और कुछ समय में असेल टेलिकॉम इंडस्ट्री का हिस्सा नहीं रहेगी.

First published: 1 March 2018, 10:15 IST
 
अगली कहानी