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धरती पर आने को बेताब हैं एलियंस, रेडियो सिग्नल के जरिए वैज्ञानिकों को दे रहे संकेत

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 December 2020, 13:57 IST

पृथ्वी (Earth) के बाहर दूसरे ग्रहों (Planets) पर जीवन की संभावना तलाशना हमेशा से दुनियाभर के वैज्ञानिकों (Scientist) के लिए एक रोमांचक वजह रही है. हर साल दुनियाभर के वैज्ञानिक और सरकारें चांद (Moon) या मंगल ग्रह (Mars Planet) के अलावा अन्य दूसरे ग्रहों पर जीवन की संभावना के साथ एलियंस (Aliens) के खोज में करोड़ों डॉलर खर्च कर देते हैं. बावजूद इसके अभी तक इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं मिल पाए हैं कि दूसरे ग्रहों पर कोई परजीवी रहता है या वहां भी इंसानों जैसा कोई जीव है या नहीं. लेकिन कई बार इस बात के इशारे जरूर मिले हैं कि दूसरे ग्रहों पर भी कोई रहता है.

जिसे इंसानों ने एलियंस नाम दिया है. कई बार ये दावे भी किए गए हैं कि पृथ्वी पर एलियंस आते हैं और धरती के वैज्ञानिकों की तरह ही पृथ्वी पर रिसर्च करते हैं. अब एक बार फिर से इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि एलियंस पृथ्वी पर आने को बेताब हैं या फिर ये कोई झूठी अफवाह मात्र है, क्योंकि कि पिछले कई दिनों से वैज्ञानिकों को एलियंस के संदेश मिल रहे हैं. इससे यह साबित होता है कि पृथ्वी के अलावा भी किसी दूसरे ग्रह पर जीवन है.


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इनके संदेशों ने एक नया सवाल उठा दिया है कि क्या एलियंस धरती पर आना चाहते हैं (Aliens On Earth)? बताया जा रहा है कि एलियंस रेडियो सिग्नल (Radio Signals) के जरिए पृथ्वी पर आने की जानकारी वैज्ञानिकों को दे रहे हैं. दरअसल, वैज्ञानिकों की एक इंटरनेशनल टीम (International Team of Scientist) को एक ग्रह के बहुत दूर से रेडियो सिग्नल (Radio Signal) मिले हैं. यह ग्रह ताऊ बूट्स नाम के तारे की प्रणाली में मौजूद है.

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यह ग्रह से 51 प्रकाश वर्ष दूर है. सिस्टम में एक बाइनरी स्टार और एक एक्सोप्लैनेट होता है. बता दें कि वैज्ञानिकों की इस टीम को जेक टर्नर (Jake Turner) लीड कर रहे हैं. जेक टर्नर कॉर्नेल विश्वविद्यालय में पोस्टडॉक्टोरल शोधकर्ता (Postdoctoral Researcher in Cornell University) हैं. उनकी टीम में फिलिप जरका और जीन मैथियास ग्रिस्मीयर जैसे वैज्ञानिक भी मौजूद हैं. बता दें कि इनकी एलियंस पर की गई रिसर्च साइंटिफिक जर्नल एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोफिजिक्स में प्रकाशित हुई है.

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जेक टर्नर का कहना है कि वैज्ञानिकों को ये सिग्नल ताऊ बूट्स सिस्टम (Tau Bootes System) से मिल रहे हैं. ये रेडियो सिग्नल (Radio Signals) ग्रह की चुंबकीय क्षेत्र की ताकत और धुव्रीकरण की वजह से प्राप्त हो रहे हैं. वैज्ञानिक जेक टर्नर के मुताबिक, उनकी स्टडी में एलियंस की दुनिया को लेकर कई चीजें सामने आई हैं.

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इसके माध्यम से एलियंस की दुनिया का अध्ययन करने की संभावना बढ़ जाती है. बता दें कि कुछ दिन पहले ही इजराइल के एक वैज्ञानिक ये दावा कर पूरी दुनिया को चौंका दिया था कि पृथ्वी पर एलियंस मौजूद हैं और अमेरिका के वैज्ञानिक उनके साथ मिलकर शोध कर रहे हैं.

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First published: 19 December 2020, 13:57 IST
 
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