Home » साइंस-टेक » Apple new technology patent will disable mobile camera from recording
 

अब हर जगह की तस्वीर नहीं खींच पाएगा आपका मोबाइल कैमरा

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 1 July 2016, 19:51 IST

मोबाइल कैमरे ने आजकल कई ऐसे आयोजनों को भी चौपट कर दिया है जिनमें प्रवेश सीमित होता है और टिकटें खरीदने वाले ही इसका लुत्फ उठा सकते हैं. बाद में आयोजकों द्वारा इस शो की सीडी-डीवीडी बेची जाती हैं और वे मुनाफा कमाते हैं. लेकिन मोबाइल में रिकॉर्डिंग करने वाले इसे सोशल मीडिया पर अपलोड करके आयोजकों को चूना लगा देते हैं.

द वाशिंगटन पोस्ट में छपी खबर की मानें तो तकनीकी की दिग्गज कंपनी एप्पल ने संगीत समारोहों समेत ऐसे आयोजनों में मोबाइल कैमरे के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए एक नई तकनीकी का पेटेंट कराया है. मंगलवार को अमेरिकी पेटेंट और ट्रेडमार्क कार्यालय द्वारा इसे पेटेंट दे दिया गया और जल्द ही यह तकनीकी संगीत समारोहों जैसे आयोजनों के वीडियो-तस्वीरें बाहर जाने पर रोक लगा सकेगी.

क्या सीटी स्कैन से वाकई कैंसर होता है?

बता दें कि दुनिया के तमाम दिग्गज गायकों के लाइव कंसर्ट्स में मोबाइल ले जाने पर रोक है. जबकि काफी आयोजनों के दौरान मोबाइल को रबर का पाउच देकर उसमें रखने के लिए कहा जाता है. कई गायक-कलाकार तो अपने शो के दौरान दर्शकों से अपने स्मार्टफोन से रिकॉर्डिंग न करने की भी गुजारिश करते दिखे हैं.

यह तकनीकी विशेष रूप से संगीत समारोहों के दौरान मोबाइल कैमरा से रिकॉर्डिंग को रोक देगी

एप्पल की यह तकनीकी विशेष रूप से संगीत समारोहों के दौरान मोबाइल कैमरा से रिकॉर्डिंग को रोक देगी. यह तकनीकी काफी सीधी है. इसके लिए एप्पल अपने स्मार्टफोन के कैमरा में इंफ्रारेड सेंसर्स लगा सकती है. यह सेंसर्स इंफ्रारेड छोड़ने वाली डिवाइसों से मिलने वाले सिग्नलों को पकड़कर निर्धारित काम करेंगे.

देखें, 5,300 करोड़ पिक्सल वाली दुनिया की सबसे बड़ी तस्वीर

सीधे शब्दों में कहें तो यह तकनीकी टेलीविजन या एयरकंडीशनर के रिमोट की तरह होती है. रिमोट कंट्रोल में इंफ्रारेड लाइट लगी होती है जो बटन दबाने पर सिग्नल भेजती है. जबकि टेलीविजन-एसी पर लगे इंफ्रारेड सेंसर्स इन सिग्नल को पकड़कर उस कमांड को पूरा करते हैं जो बटन से संबंधित होता है. इसका मतलब यह भी होता है कि रिमोट को इसके रिसीवर की जगह कहीं और दिखाने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं होती.

अब एप्पल की तकनीकी की बात करें तो यह संगीत समारोह के स्टेज के पास कई स्थानों पर इस तरह से इंफ्रारेड सिग्नल्स छोड़ने वाली डिवाइसें लगाएगा, जिससे उस आयोजन स्थल पर खड़े हर व्यक्ति के आईफोन, आईपैड या फिर आने वाले किसी भी तरह के आईडिवाइस या अन्य मोबाइल फोन उसकी सीधी पकड़ में आ जाएं. 

अपने आईमैक के कैमरे को टेप से बंद रखते हैं फेसबुक सीईओ मार्क जकरबर्ग

भले ही कोई ऊंचाई पर खड़ा हो या जमीन पर बैठा हो लेकिन इन इंफ्रारेड सिग्नल्स की जद में वहां का हर स्मार्टफोन आ जाए. बस इसके बाद आयोजन शुरू होने के साथ ही इंफ्रारेड सिग्नल छूटने शुरू हो जाएंगे और कोई भी अपने मोबाइल कैमरे से रिकॉर्डिंग नहीं कर सकेगा.

और सिर्फ ऐसा ही नहीं है कि यह पेटेंट  एप्पल यूजर्स को रिकॉर्डिंग से रोकेगा. इस ट्रांसमिटर या इंफ्रारेड सिग्नल एमिटिंग डिवाइस को रिकॉर्डिंग रोकने के लिए म्यूजियम, सिनेमा घरों या रिटेल शॉपिंग स्टोर्स या मॉल में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा.

जानिए कैसे आग से चार्ज कर सकते हैं मोबाइल की बैट्री

वहीं, इस तकनीकी का दूसरा पहलू भी है. जो इसका इस्तेमाल जानकारी पाने के लिए भी कर सकता है. जैसे शॉपिंग स्टोर्स, म्यूजियम, शोरूम या अन्य स्थानों पर इन इंफ्रारेड के साथ संदेश भ दिया जाएगा. जिससे इन स्थानों की तरफ स्मार्टफोन का कैमरा करते ही यह वहां की सुविधाओं, दाम, सेवाओं, समय आदि की जानकारी मुहैया करा देगा. 

इसकी सबसे बड़ी खासियत होगी कि यूजर्स को किसी खास स्थान पर अपना मोबाइल नहीं दिखाना होगा, इंफ्रारेड सिग्नल स्वतः ही बहुत तेजी से डिवाइस पर आ जाएंगे. 

First published: 1 July 2016, 19:51 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

पिछली कहानी
अगली कहानी