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1972 के बाद अब तक चांद पर क्यों नहीं गया कोई इंसान? सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 January 2019, 22:21 IST

हमारा ब्रह्मांड में आठ ग्रह और 166 उपग्रह है इनमें से चांद या चंद्रमा भी एक उपग्रह है. इंसानों की हमेशा कोशिश रही है कि मंगल के साथ-साथ चांद के भी रहस्यों को जाना जाए. लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद इंसान ग्रह और उपग्रहों के रहस्यों को नहीं जान पाया. लेकिन वैज्ञानिक मंगल और चांद पर जाने की कोशिश करते रहते हैं. सबसे पहले चांद पर कदम रखने वाले दुनिया के पहले इंसान नील आर्मस्ट्रांग थे.

उन्होंने 21 जुलाई, 1969 को चांद की सतह पर कदम रखकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया था. उसके बाद अमेरिका ने पांच और भी अभियान चांद के लिए चलाए. साल 1972 में आखिरी बार इंसान चांद पर पहुंचा था, लेकिन इस बात को अब करीब 46 साल हो गए. उसके बाद इतने सालों से चांद पर कोई भी इंसान नहीं जा सका. ये बात आज भी रहस्य बनी हुई है.

बता दें कि साल 1972 में यूजीन सेरनन चांद पर पहुंचने वाले आखिरी अंतरिक्ष यात्री थे. उनके बाद अब तक कोई भी चांद पर नहीं गया है. हालांकि अमेरिका ने साल 2017 में ही ये एलान किया था कि वो फिर से चांद पर इंसानों को भेजेगा. साल 2004 में भी अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने चांद पर इंसानी मिशन भेजने का प्रस्ताव पेश किया था. इसके लिए 1,04,000 मिलियन डॉलर का अनुमानित बजट भी बनाया गया था, लेकिन वो प्रोजेक्ट शुरु नहीं किया जा सका.

 

दरअसल, चांद पर किसी इंसान को भेजना काफी महंगा होता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में खगोल विज्ञान के प्रोफेसर माइकल रिच का कहना है, 'चांद पर इंसानी मिशन भेजने में काफी खर्च आया था, जबकि इसका वैज्ञानिक फायदा कम ही हुआ.' यही वजह है कि कोई भी देश चांद पर इंसानों को भेजने से कतराते हैं.

खबरों की मानें तो दुनिया की सबसे बड़ी अंतरिक्ष एजेंसी नासा सालों से दूसरे अहम प्रोजेक्ट को पूरा करने में लगी हुई है. इन सालों में नासा ने कई नए उपग्रह, बृहस्पति ग्रह पर खोज, अन्य आकाशगंगाओं और ग्रहों पर शोध किए हैं.

ये भी वजह है कि चांद पर इंसानी मिशन भेजने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा. हालांकि नासा हमेशा से चांद पर दोबारा इंसानों को भेजने की बात करता रहा है.

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First published: 1 January 2019, 22:10 IST
 
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