Home » साइंस-टेक » Catch Hindi: bank branch and ATM will become obsolete, smartphone banking is the future: BI
 

अमेरिकाः मिलेनियल पीढ़ी के लिए गैर-जरूरी होते जा रहे हैं बैंक ब्रांच

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 June 2016, 8:40 IST

अमेरिका की नई पीढ़ी तेजी से परंपरागत बैंक शाखाओं से दूर और डिजिटल बैंकिंग के करीब होती जा रही है. बिजनेस इनसाइडर की ताजा रिपोर्ट के अनुसार इक्कीसवीं सदी के अमेरिकी नौजवान पहले की तुलना में बैंक शाखाओं में बहुत कम जा रहे हैं.

इक्कीसवीं सदी (सन 2000 या उसके बाद) में बालिग हुए नौजवानों को मिलेनियल पीढ़ी कहा जाता है. अमेरिका की कुल जनसंख्या का 26% और कुल नौकरीशुदा जनसंख्या का 34% मिलेनियल पीढ़ी का है. रिपोर्ट के अनुसार मिलेनियल पीढ़ी के इस रवैये से बैंकिंग और ग्राहकों से बैंकों की अवधारणा पूरी तरह बदल सकती है.

इसके अलावा ग्राहकों में अपने वित्तीय प्रबंधन के लिए थर्ड पार्टी कंपनियों की सेवा लेने की प्रवृत्ति भी बढ़ रही है. इस वजह से भी बैंकों और उनके ग्राहकों के बीच संबंध कमजोर होता जा रहा है.

बिजनेस इनसाइडर इंटेलिजेंस के सर्वे में 18 से 34 साल के बीच के 1500 बैंक खाताधारक नौजवान शामिल हैं.

सर्वे के नतीजे बताते हैं कि बैंक शाखा धीरे धीरे समाप्त हो जाएंगी. हालांकि अभी ऐसा होने में वक्त है. ऑनलाइन सेवा में सुधार, बैंक शाखा में आवागमन में कमी और बैंक में हर ट्रांजेक्शन पर बढ़ता खर्च इसके प्रमुख कारण हैं. 

एटीएम मशीन पर भी खतरा

सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार जो बैंक तेजी से अपनी कार्यशैली में बदलाव नहीं लाएंगे उनका ग्राहकों के संग संबंध पूरी तरह खत्म भी हो सकता है. इसके लिए बैंकों को अपने प्रोडक्ट में भी मिलेनियल पीढ़ी की उम्मीदों के अनुरूप अपेक्षित बदलाव करने होंगे.

रिपोर्ट के अनुसार एटीएम कार्ड का भविष्य में फोनबूथ की तरह गैर-जरूरी हो जाएंगे. अभी ग्राहकों को बैंक की शाखा में जाकर पैसा निकालने की तुलना में एटीएम मशीन का प्रयोग करना सुविधाजनक लगता है लेकिन आने वाले भविष्य में नगद और चेक से भुगतान की जरूरत कम होती जाएगी. रिपोर्ट के अनुसार ऐसी स्थिति में एटीएम मशीनों की कोई जरूरत ही नहीं बचेगी और एटीएम मशीनें भी बैंक शाखाओं के तरह लुप्तप्राय हो जाएंगे.

स्मार्टफोन पर बैंकिंग

बीआई इंटेलिजेंस की रिपोर्टे के अनुसार भविष्य में बैंकिंग का सबसे लोकप्रिय माध्यम स्मार्टफोन होगा. स्मार्टफोन हर ग्राहक के पास लगभग हर वक्त मौजूद रहने वाला डिवाइस है. एक मायने में ये अपने धारक को किसी मानवीय सलाहकार से ज्यादा बेहतर तरीके से समझता है.

ऑनलाइन खरीदारी में भी स्मार्टफोन का प्रयोग बढ़ता जा रहा है. स्मार्टफोन में धारक के बारे में लगातार सूचनाएं दर्ज होती रहती हैं. ऐसे में वही बैंक भविष्य में बने रह पाएंगे जिनकी सेवाएं स्मार्टफोन के अनुकूल होंगी.

First published: 24 June 2016, 8:40 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी