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अंतरिक्ष के इतिहास में चीन की बड़ी सफलता, चांद के बाहरी हिस्से में उतारा एयरक्राफ्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 January 2019, 14:11 IST

अंतरिक्ष के क्षेत्र में हर देश नए-नए प्रयोग कर रहा है. ऐसे में चीन ने भी अंतरिक्ष के क्षेत्र में स्पेस क्राफ्ट उतार कर इतिहास रच दिया है. चीन ने गुरुवार को चंद्रमा के बाहरी हिस्से पर स्पेस क्राफ्ट उतारकर ये लक्ष्य हासिल किया. अमेरिकी मीडिया के मुताबिक ऐसा करने वाला चीन दुनिया का पहला देश बन गया है.

चीन के इस एयरक्राफ्ट का नाम चांगे-4 बताया जा रहा है. बता दें कि इससे पहले 2013 में चीन ने चांद पर एक रोवर उतारा था. इससे पहले अमेरिका और सोवियत संघ ने ही वहां पर लैंडिंग करवाई थी, लेकिन चांगे-4 को चंद्रमा पर नीचे की तरफ उस हिस्से पर उतारा गया है जो पृथ्वी से दूर रहता है.

चीन के अंतरिक्ष प्रबंधन पर काम करने वाली मकाऊ यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर झू मेंघुआ ने बताया कि, "यह अंतरिक्ष अभियान दिखाता है कि चीन गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण में उन्नत विश्व स्तर पर पहुंच गया है. हम चीनी लोगों ने कुछ ऐसा कर दिया है जिसे करने की हिम्मत अमेरिकियों ने नहीं की.”

वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि चीन चीजों को बहुत जल्दी पकड़ रहा है. वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और दूसरे क्षेत्रों में अमेरिका को चुनौती दे सकता है. चीन 2022 तक अपने तीसरे अंतरिक्ष स्टेशन का पूरी तरह से संचालन शुरू करने की योजना बना रहा है. हालांकि चीन ने चंद्रमा पर एक ऐसी जगह पर विमान उतारा है जहां अभी तक कोई भी नहीं पहुंच सका है. विशेषज्ञों का कहना है कि स्पेसक्राफ्ट की यह लैंडिंग प्रोपेगैंडा से ज्यादा कुछ नहीं है.

बता दें कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानि इसरो इस महीने के आखिर तक अपने दूसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-2 की लांचिंग कर सकते हैं. पहले चंद्रयान-2 को अक्टूबर में लांच किया जाना था. बाद में इसकी तारीख को बढ़ाकर 3 जनवरी कर दिया गया. अब फिर इसकी तारीख को आगे बढ़ाते हुए 31 जनवरी रखा गया है.

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First published: 3 January 2019, 14:11 IST
 
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