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चीन के शोधकर्ताओं का दावा : Covid-19 वैक्सीन का पहला मानव परीक्षण सफल रहा

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 May 2020, 15:09 IST

द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित एक नए शोध में कहा गया है कि फेज-1 क्लिनिकल ट्रायल में पहुंचने वाली पहली COVID-19 वैक्सीन सुरक्षित पायी गई है. कहा गया है कि यह कोरोना वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया पैदा करने में सक्षम है. 108 वयस्कों पर किये गए अध्ययन के अनुसार वैक्सीन ने न्यूट्रिलाजिंग एंटीबॉडी का उत्पादन किया और यह कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने में कारगर है. हालांकि चीन में बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों सहित वैज्ञानिकों ने कहा कि इस बात की पुष्टि करने के लिए और शोध की आवश्यकता है कि क्या यह टीका SARS-COV-2 संक्रमण से बचाता है.

अध्ययन में कहा गया है कि 108 स्वस्थ वयस्कों में परीक्षण के बाद वैक्सीन ने 28 दिनों के बाद आशाजनक परिणाम दिए. अगले छह महीनों में अंतिम परिणामों का मूल्यांकन किया जाएगा. इस अध्ययन के सह-लेखक बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के वी चेन ने कहा "ये परिणाम एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. परीक्षण दर्शाता है कि नए एडेनोवायरस टाइप 5 की एक खुराक 5 COVID-19 (Ad5-nCoV) वैक्सीन 14 दिनों में वायरस-विशिष्ट एंटीबॉडी और टी कोशिकाओं का उत्पादन करती है."


 

हालांकि शोधकर्ताओं ने आगाह किया कि परिणामों की सावधानी से व्याख्या की जानी चाहिए. चेन ने समझाया "एक COVD-19 वैक्सीन बनाने में बहुत चुनौतियां हैं और इन प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं को ट्रिगर करने की क्षमता जरूरी नहीं बताती है कि वैक्सीन मनुष्य को COVID -19 से बचाएगा." वैज्ञानिकों ने कहा कि परीक्षण में इस्तेमाल किया गया Ad5 वेक्टोरेड COVID-19 वैक्सीन इंसानों में पहली बार है. वैज्ञानिकों ने कहा कि ये कोशिकाएं स्पाइक प्रोटीन का उत्पादन करती हैं और लिम्फ नोड्स में जाती हैं, जहां प्रतिरक्षा प्रणाली एंटीबॉडी बनाती है. फिर ये स्पाइक प्रोटीन को पहचानते हैं और कोरोना वायरस से लड़ते हैं.

परीक्षण में 18 से 60 वर्ष की आयु के बीच 108 स्वस्थ वयस्कों में कई खुराकों की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न करने के लिए नए Ad5-nCoV वैक्सीन की सुरक्षा और क्षमता का आकलन किया गया. अध्ययन के अनुसार टीकाकरण के बाद नियमित अंतराल पर लोगों के रक्त की जांच की गई, ताकि यह देखा जा सके कि टीका प्रतिरक्षा प्रणाली के दो भागों को उत्तेजित करता है या नहीं.

Coronavirus: चीनी शोधकर्ताओं का दावा : नई दवा बिना वैक्सीन के कोरोना वायरस को रोक सकती है

First published: 23 May 2020, 15:09 IST
 
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