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दावा : लाखों यूजर्स का डेटा डार्क वेब पर बिक्री के लिए उपलब्ध, MobiKwik ने दी सफाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 March 2021, 12:28 IST

data leak : लोगों का निजी डेटा लीक होने के आरोपों के बाद डिजिटल वॉलेट कंपनी मोबिक्विक (MobiKwik) ने मंगलवार को कहा कि वह किसी थर्ड पार्टी से फोरेंसिक डेटा सिक्युरिटी ऑडिट करवाएगा.  इंडिपेंडेंड सिक्योरिटी रिसर्चर ने दावा किया है कि मोबिक्विक के लगभग 3.5 मिलियन (35 लाख) यूजर्स का निजी डेटा लीक किया गया है. कहा गया था कि यह डार्क वेब पर खरीदारी के लिए उपलब्ध है. कंपनी ने एक बयान में कहा "कंपनी अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है और आश्वस्त है कि संवेदनशील डेटा को स्टोर करने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल मजबूत हैं और इसका उल्लंघन नहीं हुआ है." कहा गया है कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए वह फोरेंसिक डेटा सुरक्षा का थर्ड पार्टी से ऑडिट करवाएगा.

यूजर्स को आश्वासन दिया कि उनके MobiKwik अकाउंट्स और बैलेंस सुरक्षित हैं और किसी भी डार्क वेब या अनाम लिंक को खोलने के खिलाफ चेतावनी दी है क्योंकि यह यूजर्स की साइबर सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं. डिजिटल भुगतान कंपनी ने कहा कि यूजर्स ने बताया है कि उनका डेटा डार्क वेब पर दिखाई दे रहा था, इसलिए वह इस मामले की जांच कर रहा है. MobiKwik ने कहा कि जब पिछले महीने लीक की शिकायत की गई थी, तो उन्होंने बाहरी सिक्युरिटी एक्सपर्ट की मदद से पूरी जांच की, जिसमें किसी ब्रीच का कोई सबूत नहीं मिला. भारत में डेटा लीक के मामलों में एक मजबूत तंत्र नहीं है. पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल 2019 से लोकसभा में लंबित हैं.


हालही में हैकरों का दावा था कि उन्होंने मोबिक्विक के लाखों भारतीय यूजर्स के डेटा उड़ा लिया है. इनमें लोगों के मोबाइल फोन नंबर, बैंक खाते का ब्योरा, ई-मेल और क्रेडिट कार्ड नंबर शामिल थे. मोबिक्विक एक पेमेंट ऐप है, जिससे रोजाना 10 लाख से ज्यादा ट्रांजेक्शन होते हैं. इससे लोग फोन रिचार्ज, बिल जमा करते हैं और कई जगहों पर भुगतान भी किया जाता है.

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First published: 31 March 2021, 12:21 IST
 
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