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COVID-19 रोगियों पर इस नई दवा ने दिखाया असर, अभी भी प्रयोग जारी

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 April 2020, 11:01 IST

कोरोना वायरस (coronavirus) की दवा को लेकर दुनियाभर में प्रयोग जारी हैं. इस बीच डॉक्टरों ने शुक्रवार को बताया कि कुछ गंभीर रूप से बीमार कोरोना वायरस रोगियों को एक एंटीवायरल दवा देने के बाद सुधार देखा गया है. न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन द्वारा प्रकाशित लेख में रीमेडिसविर का पहली बार COVID-19 रोगियों सकारात्मक असर देखा गया.

गिलियड साइंसेज की रीमेडिसविर को पिछले कुछ सालों में विभिन्न बीमारियों में इस्तेमाल किया गया. 2014 के इबोला प्रकोप के समय इसका इस्तेमाल किया गया, लेकिन इसे तुरंत हटा दिया गया था. वर्तमान में कम से कम पांच बड़े अध्ययन रेमेडिसविर का परीक्षण कर रहे हैं और कंपनी ने केस-बाय-केस आपातकालीन आधार पर 1,700 से अधिक रोगियों को भी दिया है.


शुक्रवार के परिणाम उन 53 रोगियों पर थे जिनकी उम्र 23 से 82 है, जिन्हें अमेरिका, यूरोप, कनाडा और जापान में अस्पतालों में भर्ती कराया गया था. पहले भी कई बार कहा गया है कि रेमेडिसविर से कोरोना वायरस रोगियों को ठीक किया गया है. हालांकि जानकारों का कहना है कि अभी भी यह कहना जल्दबाजी होगा कि क्या रीमेडिसवीर कोरोन वायरस में लाभदायक है या नहीं.

इसी तरह एक दवा जो एचआईवी ड्रग कॉम्बो लोपीनेवीर और रीटोनेवीर है, को चीन में असफल माना गया. लोपीनेवीर और रीटोनेवीर भारत में एचआईवी दवाओं ज्यादा उपयोग नहीं होता है, लेकिन अमेरिका में इसका उपयोग किया जाता है. अमेरिका में एक अन्य दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की भी चर्चा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दवा को कोरोना वायरस के इलाज में लाभदायक बताया है.

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का भारत सबसे बड़ा निर्यातक है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के कहने पर भारत ने इस पर लगाया गया एक्सपोर्ट बैन हटा दिया है. दुनिया के कई देश भारत से इसकी मांग कर रहे हैं. 

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First published: 11 April 2020, 10:13 IST
 
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