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Coronavirus- शोधकर्ताओं का बड़ा खुलासा- नाक के रास्ते ब्रेन में घुस सकता है खतरनाक कोरोना वायरस

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 November 2020, 19:16 IST

Coronavirus Update : एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस नाक के माध्यम से लोगों के मस्तिष्क में प्रवेश कर सकता है. यह अध्ययन कोविड -19 रोगियों में देखे गए कुछ न्यूरोलॉजिकल लक्षणों की व्याख्या करने में मदद कर सकती है और संक्रमण को रोकने के लिए इलाज और उपायों के बारे में जानकारी दे सकता है. नेचर न्यूरोसाइंस पत्रिका में प्रकाशित शोध में कहा गया है कि SARS-CoV-2 न केवल श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है, बल्कि केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) को भी प्रभावित करता है, जिसके परिणामस्वरूप न्यूरोलॉजिकल लक्षण जैसे कि गंध, स्वाद, जी मचलना, सिरदर्द, थकान और थकान जैसे लक्षण दिखते हैं. हालांकि हाल के शोध में मस्तिष्क और मस्तिष्कमेरु द्रव में वायरल RNA की उपस्थिति का वर्णन किया गया है, यह स्पष्ट नहीं है कि वायरस कहां प्रवेश करता है और मस्तिष्क के भीतर कैसे फैलता है.

चाराइट-यूनिवर्सिट्समेडिज़िन बर्लिन (Charite–Universitatsmedizin Berlin), जर्मनी के शोधकर्ताओं ने नासोफैर्नीक्स की जांच की, जो गले का ऊपरी हिस्सा है और नाक गुहा से जुड़ता है. इसमें 33 रोगियों के दिमाग (22 पुरुष और 11 महिलाएं) जांच की गई. जिनकी मृत्यु COVID-19 से हुई. उन्होंने कहा कि मृत्यु के समय औसत आयु 71.6 वर्ष थी और मृत्यु के COVID-19 लक्षणों की शुरुआत से लेकर मृत्यु तक का समय 31 दिनों का था.


शोधकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने SARS-CoV-2 RNA, वायरस की आनुवांशिक सामग्री और मस्तिष्क और नासॉफिरैन्क्स में प्रोटीन की उपस्थिति को पाया, अक्षुण्ण वायरस कणों को जोड़ने से नासोफरीनक्स में भी पता चला. शोधकर्ताओं के अनुसार रोग की अवधि का पता लगाने वाले वायरस की मात्रा के साथ विपरीत संबंध था, यह दर्शाता है कि कम रोग अवधि वाले मामलों में उच्च SARS-CoV-2 RNA स्तर पाए गए थे.

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टीम ने कुछ प्रकार की कोशिकाओं में घ्राण-श्लेष्म परत के भीतर SARS-CoV-2 स्पाइक प्रोटीन भी पाया, जहां यह मस्तिष्क में प्रवेश पाने के लिए एंडोथेलियल और तंत्रिका ऊतक की निकटता का फायदा उठा सकता है. कुछ रोगियों में, SARS-CoV-2 स्पाइक प्रोटीन न्यूरॉन्स के मार्करों को व्यक्त करने वाली कोशिकाओं में पाया गया था, यह सुझाव देते हुए कि घ्राण संवेदी न्यूरॉन्स संक्रमित हो सकते हैं, साथ ही मस्तिष्क क्षेत्रों में जो गंध और स्वाद संकेत प्राप्त करते हैं.

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First published: 30 November 2020, 18:59 IST
 
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