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Coronavirus Vaccine : कोरोना वैक्सीन बनाने की रेस में कौन-कौन सी कंपनियां आगे और कब आएगी वैक्सीन ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 November 2020, 17:59 IST

दुनियाभर के ड्रगमेकर्स और रिसर्च सेंटर COVID-19 वैक्सीन पर काम कर रहे हैं, जिनमें से कई कैंडिडेट्स के बड़े परीक्षणों में हजारों प्रतिभागी शामिल हुए हैं. आइए आज हम आपको जानकारी देते हैं कि आखिर कौन -कौन कंपनियां वैक्सीन बनाने की रेस में आगे हैं. अमेरिकी ड्रगमेकर फाइजर इंक और जर्मन पार्टनर बायोएनटेक एसई (BioNTech) सोमवार को डेटा रिलीज करने वाला पहला वैक्सीन कैंडिडेट था.

कंपनी कोरोना वायरस पर वैक्सीन के असर को 90 फीसदी इफेक्टिव बताया है. रूस ने बुधवार को अपनी स्पुतनिक वी वैक्सीन के लिए अंतरिम लेट-स्टेज परीक्षण परिणाम प्रकाशित किया, जिसमें दिखाया गया है कि COVID-19 से लोगों की रक्षा करने पर वैक्सीन 92 फीसदी प्रभावी है.


अगली डेटा रिलीज करने वाली कंपनी यूएस बायोटेक फर्म मॉडर्न इंक हो सकती है, जो संभवतः नवंबर या दिसंबर में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और ब्रिटेन स्थित एस्ट्राजेनेका पीएलसी के साथ डेटा रिलीज कर सकती है. जॉनसन एंड जॉनसन का कहना है कि वह भी इस डेटा को प्रस्तुत करेगी. कंपनियां स्वस्थ वॉलन्टियर पर अपने टीकों का परीक्षण कर रही हैं.

टीके कितने कारगर हैं?

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कम से कम 50 फीसदी की प्रभावशीलता के लिए न्यूनतम मानक की सिफारिश की है. फाइजर और रूस दोनों ने कहा कि उनके टीके COVID-19 के मुकाबले 90 फीसदी से अधिक प्रभावी हैं. कम से कम चार टीके चीन के नेशनल बायोटेक ग्रुप (CNBG), CanSino Biologics और Sinovac के शामिल हैं. सिनोवैक और सीएनबीजी ने कहा है कि नवंबर वह डेटा रिलीज कर सकते हैं. रूस ने Gamaleya Institute द्वारा विकसित स्पूतनिक V वैक्सीन को प्रभावी बताया है, जिसका 10,000 लोगों पर परीक्षण किया गया है.

कोरोना वायरस वैक्सीन में महत्वपूर्ण सफलता के बाद कंपनी के प्रवक्ता ने एक ईमेल प्रतिक्रिया में कहा कि फाइजर भारत सरकार के साथ अपनी कोविड -19 वैक्सीन बेचने के लिए बातचीत कर रहा है, जिसका मानना है कि यह शुरुआती टीकाकरण प्रतिक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. एक रिपोर्ट के अनुसार प्रवक्ता ने कहा "हम भारत सरकार के साथ अपने संवाद को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि यह टीका देश में उपयोग के लिए उपलब्ध हो सके."

रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों ने भी यह भी पुष्टि की कि भारत अपने आरएनए वैक्सीन के लिए फाइजर के साथ कई अन्य घरेलू और विदेशी वैक्सीन डेवलपर्स के साथ बातचीत कर रहा है. फाइजर के प्रवक्ता ने कहा कि वह 2020 में 50 मिलियन खुराक और 2021 में 1.3 बिलियन खुराक का उत्पादन करने की उम्मीद कर रहा है. कंपनी का कहना है "यदि हमारा टीका सफल होता है, तो फाइजर उन देशों में उपलब्ध खुराक आवंटित करेगा जहां हमने आपूर्ति समझौतों को पूरा किया है."

Coronavirus Vaccine: वैक्सीन बेचने के लिए फाइजर ने भारत सरकार से शुरू की बातचीत- रिपोर्ट

First published: 11 November 2020, 17:59 IST
 
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