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COVID-19 के दौरान भारत में स्कूल खोलना क्यों है खतरनाक, WHO और UNICEF की रिपोर्ट पढ़िए

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 August 2020, 15:41 IST

Coronavirus: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और यूनिसेफ की संयुक्त निगरानी के नवीनतम आंकड़े बताते है कि भारत के तीन स्कूलों में से केवल में पीने के पानी की बुनियादी व्यवस्था मौजूद है, जो भारत के स्कूलों में कोविड-19 महामारी (COVID-19) के मद्देनजर खतरनाक साबित हो सकताहै. हालांकि महामारी के बीच भारत में अभी स्कूल खोलने का निर्णय नहीं लिया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने पानी के साथ हैंडवाशिंग सुविधाओं के विस्तार में तेजी से वृद्धि की है, लेकिन इनमें से कई जगह अभी भी साबुन की कमी है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्व स्तर पर 469 मिलियन से अधिक बच्चों के पास 2019 में उनके स्कूल में कोई स्वच्छता सेवा (hygiene service) नहीं थी. इन बच्चों में आधे से अधिक (244 मिलियन) उप-सहारा अफ्रीका से हैं. एक चौथाई (125 मिलियन) मध्य और दक्षिणी एशिया से हैं, जिनमें से तीन तिहाई (three quarters) (92 मिलियन) भारत से हैं.


जैसा कि दुनिया भर में स्कूल फिर से खोलने के लिए संघर्ष जारी है ऐसे में WHO और UNICEF की रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर के 43 फीसदी स्कूलों में 2019 में साबुन और पानी के साथ बुनियादी हैंडवाशिंग उपलब्ध नहीं हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि 60 देशों में covid -19 के कारण स्वास्थ्य और मानवीय संकट का सबसे अधिक खतरा है. कहा गया है कि आधे से ज्यादा के पास बुनियादी स्वच्छता सेवा का अभाव है.

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रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में 3 में से 1 स्कूलों में या तो सीमित पेयजल की सुविधा थी या कोई पेयजल सुविधा नहीं थी. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत के अधिकांश स्कूलों में विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए शौचालय की सुविधा नहीं है. डब्ल्यूएचओ ने कहा कि covid-19 महामारी के दौरान बिना तैयारियों के स्कूल खोलना खतरनाक हो सकता है.

वैश्विक स्तर पर रिपोर्ट में पाया गया कि 818 मिलियन बच्चों के स्कूल में बुनियादी हैंडवाशिंग सेवा की कमी थी, 355 मिलियन स्कूल ऐसे थे, जिनमें पानी या साबुन की सुविधा नहीं थी. दुनियाभर में स्कूल बंद होने के बाद बच्चों की शिक्षा और कल्याण को लेकर अभूतपूर्व चुनौती सामने आ गई है. यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक ने कहा हमें बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए. इसका मतलब यह है कि स्कूलों को फिर से खोलने के लिए सुरक्षित हैं.

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First published: 14 August 2020, 15:30 IST
 
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